गुलाबी सूंडी से किसानों की आत्महत्या तक: पंजाब में गेहूं की फसल पर बड़ा हमला, कर्ज में डूबे किसानों ने खोली दिल की बातें.

किसानों की मुश्किलें और उनकी आत्महत्या की धमकियाँ से जुड़े एक नये मामले में, गुलाबी सूंडी ने अब गेहूं की फसलों पर बर्बादी का कहर ढाया है।

गुलाबी सूंडी से किसानों की आत्महत्या तक: पंजाब में गेहूं की फसल पर बड़ा हमला, कर्ज में डूबे किसानों ने खोली दिल की बातें.
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गुलाबी सूंडी से किसानों की आत्महत्या तक: पंजाब में गेहूं की फसल पर बड़ा हमला, कर्ज में डूबे किसानों ने खोली दिल की बातें.

पंजाब के गांवों में बढ़ रहे किसानों की मुश्किलें और उनकी आत्महत्या की धमकियाँ से जुड़े एक नये मामले में, गुलाबी सूंडी ने अब गेहूं की फसलों पर बर्बादी का कहर ढाया है। इस लेख में, हम इस स्थिति की गहराईयों में जा कर, किसानों की समस्याओं को समझेंगे और उन्हें सहारा पहुंचाने के लिए कदम उठाएंगे।

पिंक बॉलवर्म हमले की भयंकरता:

गुलाबी सूंडी के हमले ने पंजाब के किसानों को नए खतरे का सामना करवाया है। इस बार गेहूं की फसलों पर हुआ हमला ने किसानों को और भी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा है। कृषि पदाधिकारियों के अनुसार, लगभग 40 एकड़ फसल पर पिंक बॉलवर्म का हमला हुआ है, जिससे उनकी 30 फीसदी तक की फसल पर नुकसान हो गया है।

किसानों का आत्महत्या का दौर:

गुलाबी सूंडी के हमले के बाद, किसान सुखदेव सिंह और उनके बेटे बख्शीश सिंह और नछतर सिंह ने अपने कर्ज में डूबे होने की स्थिति को बताते हुए कहा कि उनकी गेहूं की फसल पर गुलाबी सूंडी ने हमला किया है, जिससे उनकी तनावपूर्ण स्थिति में और भी बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बैंक के अधिकारियों की तरफ से कर्ज में डूबने का डर है और उन्हें अपने किसान भाईयों को भी यह सामना करना पड़ रहा है।

किसानों की आत्महत्या की धमकी:

किसानों ने अधिकारी के सामने आत्महत्या करने की धमकी भी दी है, जो सीधे तौर पर उनकी आर्थिक स्थिति की भारी परेशानियों का परिचायक है। इस स्थिति में किसानों को सहारा पहुंचाने के लिए उच्चतम कृषि अधिकारियों की जल्दी से कड़ी कदम उठाने की आवश्यकता है।

पिंक बॉलवर्म हमले का सीधा असर:

खेतों की स्थिति प्रभावित फसलों का प्रतिशत

लगभग 40 एकड़ फसल 30%

गेहूं की फसल बर्बाद

उच्चतम कृषि अधिकारियों की कड़ी से कड़ी कदम:

कृषि पदाधिकारी गगनदीप सिंह ने इस मामले पर सीधे कदम उठाने का आदान-प्रदान किया है। उन्होंने गेहूं की फसलों पर पिंक बॉलवर्म के हमले की सूचना मिलते ही उच्च कृषि अधिकारियों को निरीक्षण करने का आदान-प्रदान किया और त्वरित कदम उठाने का आलोचना की है। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल में लगभग 30% तक का नुकसान हुआ है और उन्होंने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित स्प्रे का छिड़काव करने की सलाह दी है।

किसानों का कर्ज़ और आत्महत्या की खतरा:

किसानों ने अपने कर्ज में डूबे होने के कारण बैंक अधिकारियों से परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति में, उन्होंने धमकी दी है कि अगर उन्हें कर्ज मांगने की कोशिश की गई, तो वे स्प्रे पीकर आत्महत्या कर लेंगे। इसके बारे में उच्चतम कृषि अधिकारी से बातचीत करने का आदान-प्रदान किया जा रहा है ताकि किसानों की समस्याओं का समाधान हो सके और उन्हें आत्महत्या की राह पर नहीं जाना पड़े।

भारतीय किसान यूनियन की चेतावनी:

इस गंभीर स्थिति में, भारतीय किसान यूनियन ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी है कि अगर किसानों को पिंक बॉलवर्म से हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिला तो वे बड़े संघर्ष का सामना करने के लिए तैयार हैं। इस समस्या के समाधान के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की भी धमकी दी गई है।

इस लेख से हम देख सकते हैं कि किसानों की समस्याएं बढ़ रही हैं और उनका आत्महत्या करने का खतरा भी बढ़ रहा है। इस समय में, सरकार को त्वरित और सकारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि किसानों को सहारा मिल सके और उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। साथ ही, पिंक बॉलवर्म जैसे कीटाणुकों के खिलाफ नए और प्रभावी उपायों का अनुसंधान करने की आवश्यकता है ताकि आने वाले समय में इसका प्रतिबंध लगाया जा सके।

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