हरियाणा सरकार का दिलचस्प तोहफा: गरीबों के लिए बिजली बिलों में बड़ी छूट.

इस योजना से उन गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जिनकी मासिक बिजली की खपत 150 यूनिट तक है और जिनकी आय एक लाख रुपये तक है।

हरियाणा सरकार का दिलचस्प तोहफा: गरीबों के लिए बिजली बिलों में बड़ी छूट.
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हरियाणा सरकार का दिलचस्प तोहफा: गरीबों के लिए बिजली बिलों में बड़ी छूट.

हरियाणा सरकार ने हाल ही में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है और अंत्योदय परिवारों के लिए बिजली बिल माफी योजना शुरू की है। इस योजना से उन गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जिनकी मासिक बिजली की खपत 150 यूनिट तक है और जिनकी आय एक लाख रुपये तक है। इस समाचार के अनुसार, इस योजना के तहत पिछले 12 महीने में बिजली का बिल न भरने वाले परिवारों को माफ किया जाएगा।

योजना की मुख्य बातें:

पात्रता: इस योजना का लाभ वही गरीब परिवार उठा सकते हैं, जिनकी सालाना आय 1 लाख रुपये तक है।

बिजली खपत: पिछले 12 महीने में मासिक बिजली की औसत खपत 150 यूनिट तक होनी चाहिए।

भुगतान की राशि: प्राथी को केवल पिछले 12 महीने की मूल राशि का ही भुगतान करना होगा, जो कि अधिकतम 3600 रुपये होगी। यह राशि एकमुश्त या ब्याज रहित 6 किश्तों में जमा करवा सकते हैं।

कनैक्शन की स्थिति: जिनका बिजली कनैक्शन चालू है या कटा हुआ है, वे ही पात्र होंगे।

आवधारित लाभ:

इस योजना से होने वाले लाभ को बेहतर ढंग से समझने के लिए नीचे दिए गए टेबल का सारांश देखें:

पात्रता बिजली खपत भुगतान राशि किश्तों में भुगतान

1 लाख रुपये तक 150 यूनिट तक अधिकतम 3600 रुपये 6 किश्तों में जमा कर सकते हैं

प्रधिकृति और निर्वाद:

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) के प्रवक्ता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कटे हुए कनैक्शनों की स्थिति में यदि कनैक्शन 6 महीने के अंदर-अंदर कटा है तो इसे पूरी राशि के भुगतान या पहली किश्त के भुगतान पर जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, यह योजना विवादित बिलों के मामले में भी लागू होती है, और पात्र अंत्योदय परिवारों को विवादित राशि का 25 प्रतिशत या 3600 रुपये में से जो भी कम होगा, उसका भुगतान करना होगा।

बिजली चोरी के मामले:

योजना में बिजली चोरी के मामले पर भी विचार किया गया है। इस योजना का लाभ वही लोग उठा सकते हैं जिनके खिलाफ पहले के मामले हैं। इन व्यक्तियों को अपने बिजली चोरी के मामले के लिए योजना का विकल्प चुनने का अधिकार है। वे एकमुश्त राशि और जुर्माना राशि का 50 प्रतिशत या 3600 रुपये में से जो भी कम होगा, उसका भुगतान कर सकते हैं। यह योजना विभाग द्वारा वापिस नहीं ली जाती है जब तक तक विवाद नहीं हल हो जाता।

यूएचबीवीएन प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं से अपील करता है कि वे सरकार की इस अद्वितीय योजना का लाभ उठाएं और निरंतर एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति का मुखौटा महसूस करें। यह एक सामाजिक और आर्थिक सुधार है जो गरीबों को सीधे तौर पर हित पहुंचाएगा और उन्हें आर्थिक बोझ से राहत देगा।

इस प्रमुख घोषणा के साथ, हरियाणा सरकार ने एक और कदम उठाया है जो गरीबों के लिए सस्ती और सुरक्षित बिजली की पहुंच में सुधार करेगा। यह योजना गरीब परिवारों को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करने के लिए एक प्रयास है जो उन्हें सुरक्षित और सुस्त बिजली की सुप्लाई सुनिश्चित करेगा।

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