तीन महीनों में बनाएं लाखों, ईसबगोल की खेती कब और कैसे करे .

आपको ईसबगोल की खेती के लाभकारी तरीके, सही जलवायु, और सामग्री के साथ सर्वोत्तम तरीके से कैसे करें, इसके बारे में बताएंगे।

तीन महीनों में बनाएं लाखों, ईसबगोल की खेती कब और कैसे करे .
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तीन महीनों में बनाएं लाखों, ईसबगोल की खेती कब और कैसे करे .

आपने सोचा है कि सिर्फ तीन महीनों में एक लाख रुपए कमा सकते हैं? हाँ, ईसबगोल की खेती के इस सरल तरीके से आप इस मिशन को संभाल सकते हैं। इस लेख में, हम आपको ईसबगोल की खेती के लाभकारी तरीके, सही जलवायु, और सामग्री के साथ सर्वोत्तम तरीके से कैसे करें, इसके बारे में बताएंगे।

आदर्श जलवायु:

ईसबगोल की खेती के लिए आदर्श जलवायु ठंडा और शुष्क होता है। पकाव के समय वर्षा से बचने के लिए, बीज झड़ जाता है और छिलका फूल जाता है, जिससे बीज की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

भूमि की तैयारी:

मिट्टी की चयन: हल्की दोमट मिट्टी या बलुई मिट्टी जिसमें पानी का निकास अच्छा हो, यह उपयुक्त रहती है।

भूमि की तैयारी: हैरो या देसी हल से दो या तीन बार जुताई करें, मिट्टी को भुरभुरा बनाकर सुहागा लगा दें, और खेत को समतल करें।

बिजाई का समय: बिजाई का उपयुक्त समय अक्टूबर से नवंबर माह है।

बीज की मात्रा: 1.5 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से बीज छिड़कें, बीज को 22.5 सेमी की दूरी पर लाइनों में बोएं।

खाद:

नाइट्रोजन: 18 किलोग्राम प्रति एकड़

फास्फोरस: 6 किलोग्राम प्रति एकड़

नाइट्रोजन को दो भागों में डालें - पहली बार खेत की तैयारी के समय और दूसरी बार पहली सिंचाई के बाद। फास्फोरस को बीजाई से पहले मिट्टी में मिला दें।

सिंचाई:

प्रथम सिंचाई: 25-30 दिन बाद

बाकी की सिंचाई: प्रतिमाह

निराई और गुड़ाई

दो-तीन गुड़ाई प्रारंभिक अवस्था में करें, ताकि खरपतवार को नुकसान न हो।

पौध संरक्षण:

जोगिया रोग के खिलाफ: थायरम या सेरेंसान का उपयोग करें। बीमारी आने पर डाईथेन एम 45 या रेडोमिल का घोल छिड़ाकें।

फसल की तैयारी:

फसल तैयारी में तीन से चार महीने लगते हैं।

फसल की उत्तम पैदावार: 4 से 5 क्विंटल प्रति हेक्टयर

ईसबगोल की उन्नत किस्में:

जवाहर ईसबगोल 4: प्रजाति 1996 में विकसित, पैदावार 13-15 क्विंटल प्रति हेक्टयर.

गुजरात ईसबगोल 2: प्रजाति 1983 में विकसित, पैदावार 9-10 क्विंटल प्रति हेक्टयर.

हरियाणा ईसबगोल 5: प्रजाति 1989 में विकसित, पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति हेक्टयर.

अन्य किस्में: गुजरात ईसबगोल 1, हरियाणा ईसबगोल-2, निहारिका, ट्राबे सलेक्शन 1 से 10 आदि का चयन करें।

ईसबगोल की विश्वभर में मांग:

भारत से प्रतिवर्ष 120 करोड़ के मूल्य का ईसबगोल निर्यात हो रहा है।

विश्व में अमेरिका सबसे बड़ा उपभोक्ता है।

प्रमुख उत्पादक देशों में भारत, ईरान, ईराक, अरब अमीरात, फिलीपीन्स शामिल हैं।

इस तरह, ईसबगोल की खेती से आप तीन महीनों में बना सकते हैं लाखों रुपए। इस खेती में सफलता प्राप्त करने के लिए ऊपर दिए गए तरीकों का पालन करें और उच्च गुणवत्ता वाली उन्नत किस्मों का चयन करें।

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