मशरूम की खेती: छोटे किसानों के लिए मोटा मुनाफा कैसे कमाएं,जाने कब और कैसे करे खेती .

बदलते खेती के पैटर्न से जुड़े किसान नए तरीके आजमा रहे हैं जो उन्हें ज्यादा मुनाफा कमाने में मदद कर रहे हैं। इसी में से एक है मशरूम की खेती।

मशरूम की खेती: छोटे किसानों के लिए मोटा मुनाफा कैसे कमाएं,जाने कब और कैसे करे खेती .
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मशरूम की खेती: छोटे किसानों के लिए मोटा मुनाफा कैसे कमाएं,जाने कब और कैसे करे खेती .

आजकल, बदलते खेती के पैटर्न से जुड़े किसान नए तरीके आजमा रहे हैं जो उन्हें ज्यादा मुनाफा कमाने में मदद कर रहे हैं। इसी में से एक है मशरूम की खेती। इस लेख में, हम जानेंगे कि कैसे पूर्वांचल के किसान सतीश सोनकर ने मशरूम की खेती से कैसे कमाई में वृद्धि की है और इस तकनीक को अपनाने के लिए किस तरह की योजनाएं बना रहे हैं।

पूर्वांचल के किसान का कदम:

पूर्वांचल के छोटे किसानों के लिए, मशरूम की खेती ने एक नई दिशा प्रदान की है। सतीश सोनकर के जैसे किसानों ने परंपरागत खेती से हटकर मशरूम की खेती को अपनाया है और इससे अच्छा मुनाफा कमाया है।

मशरूम की खेती की तकनीक:

मशरूम की खेती शुरू करने के लिए, सतीश सोनकर ने सबसे पहले भूसे से तैयार की गई कंपोस्ट का उपयोग किया है। यह कंपोस्ट बड़े बेड में फैलाया जाता है और उसमें मशरूम के बीज बो दिए जाते हैं। इस तकनीक से उन्होंने प्रति वर्ष 30 टन मशरूम हासिल किए हैं।

मशरूम की खेती की अनुस्मारिक तारीखें:

चरण समय

बीज बोना नवंबर

पिन निकलना 15-20 दिनों के भीतर

पूरी तरह से पकना लगभग 70 दिनों में

मुनाफा:

सतीश सोनकर ने बताया कि मशरूम की खेती से उन्हें प्रतिवर्ष 5 से 6 लाख रुपए का मुनाफा हो रहा है। इससे दिखता है कि मशरूम की खेती छोटे किसानों के लिए एक आर्थिक रूप से सुरक्षित विकल्प है।

किसानों के लिए प्रशिक्षण:

मशरूम की खेती में सफलता प्राप्त करने के लिए किसानों को कृषि विज्ञान केंद्रों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का मौका मिलता है। सरकार इसमें सकारात्मक कदम उठा रही है और इसे बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है।

मशरूम की खेती के फायदे:

कम जमीन की आवश्यकता: मशरूम की खेती के लिए विशेष जमीन की आवश्यकता नहीं होती, इसे कहीं भी कंपोस्ट डालकर की जा सकती है।

विशेषज्ञता का विकास: कृषि विज्ञान केंद्रों में प्रशिक्षण प्राप्त करके किसान अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित कर सकते हैं।

प्रोटीन का अच्छा स्रोत: मशरूम प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत होता है और इसका उपयोग खाद्य पदार्थों में किया जाता है।

मशरूम की खेती छोटे किसानों के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है जो उन्हें अच्छा मुनाफा कमाने में मदद कर सकता है। इसमें सफलता प्राप्त करने के लिए किसानों को अच्छी तकनीक, प्रशिक्षण और सरकारी सहायता का सही मिश्रण चाहिए।

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