किसान भाई तरबूज की अगेती खेती करके तीन महीनो में लाखो रूपए कमा सकते है,कब और कैसे करे खेती .

तरबूज की बुआई दिसंबर से जनवरी में शुरू होती है और मार्च में हार्वेस्टिंग की जाती है. यह फसल गर्मी के मौसम में उगती है.

किसान भाई तरबूज की अगेती खेती करके तीन महीनो में लाखो रूपए कमा सकते है,कब और कैसे करे खेती .
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किसान भाई तरबूज की अगेती खेती करके तीन महीनो में लाखो रूपए कमा सकते है,कब और कैसे करे खेती .

तरबूज की खेती महाराष्ट्र में किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प है जिससे वे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. इस लेख में, हम जानेंगे कि तरबूज की खेती कैसे की जाती है और किसान इससे कैसे अच्छा मुनाफा पा सकते हैं.

खेती का समय:

तरबूज की बुआई दिसंबर से जनवरी में शुरू होती है और मार्च में हार्वेस्टिंग की जाती है. यह फसल गर्मी के मौसम में उगती है, जिससे उत्पादकों को अधिक मुनाफा हो सकता है.

भूमि और मौसम:

तरबूज की खेती के लिए मध्यम काली जल निकासी वाली मिट्टी उपयुक्त होती है. तापमान 24-27 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए. गर्मी के मौसम में इसकी डिमांड अधिक होती है.

बुआई का समय:

उत्तर भारत में तरबूज की बुआई फरवरी-मार्च में की जाती है, जबकि उत्तर पूर्वी और पश्चिमी भारत में नवंबर से जनवरी के दौरान होती है. महाराष्ट्र में दिसंबर से जनवरी में खेती शुरू होती है.

उन्नत किस्में:

तरबूज की कई उन्नत किस्में हैं, जैसे शुगर बेबी, अर्का ज्योति, पूसा बेदाना, जो कम समय में फल देती हैं और अच्छा उत्पादन करती हैं.

उर्वरक और सिंचाई:

उर्वरक का सही उपयोग करना तरबूज के उत्पादन को बढ़ा सकता है. सिंचाई को विवेकपूर्णता से करना चाहिए, और गर्मी के मौसम में तरबूज को आमतौर पर 15-17 पारियों की जरूरत होती है.

रोग-कीट से बचाव:

तरबूज को रोगों और कीटाणु से बचाए रखने के लिए डिनोकैप या कार्बेन्डाजिम का उपयोग किया जा सकता है. उपायों को कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार किया जा सकता है.

खेती के लाभ:

तरबूज की खेती से किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं, क्योंकि इसकी मांग बाजार में बढ़ती है, और उच्च उत्पादन से उन्हें अधिक मुनाफा हो सकता है.

तरबूज की खेती महाराष्ट्र के किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है. सही समय, भूमि, और उर्वरक का उपयोग करके किसान इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. इसके अलावा, उन्नत किस्मों का चयन और सुरक्षित खेती प्रक्रिया से उन्हें बेहतर उत्पादन मिल सकता है.

यह लेख केवल सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से है और किसानों को सलाह देने के लिए नहीं है. किसानों को स्थानीय कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लेनी चाहिए.

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उन्नत किस्में और उनकी विशेषताएं:

किस्म विशेषताएं

शुगर बेबी तेजी से फलने वाली किस्म, अच्छा रसीलापन

अर्का ज्योति उच्च उत्पादन, बड़े आकार का तरबूज

पूसा बेदाना सुजीव फल, शानदार रस गुण

इस रूपरेखा से दिखा जाता है कि उन्नत किस्मों का चयन करके किसान अच्छे उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

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