चने की फसल में रोग और उनका नियंत्रण,जाने कैसे करे .

इस लेख में, हम उकठा, झुलसा, जड़ गलन, तना सड़न रोगों से बचाव के लिए विभिन्न उपायों की चर्चा करेंगे।

चने की फसल में रोग और उनका नियंत्रण,जाने कैसे करे .
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चने की फसल में रोग और उनका नियंत्रण,जाने कैसे करे .

चने की फसल में उत्पन्न होने वाले रोगों का प्रभाव नुकसानकारी हो सकता है और उन्हें नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है। इस लेख में, हम उकठा, झुलसा, जड़ गलन, तना सड़न रोगों से बचाव के लिए विभिन्न उपायों की चर्चा करेंगे।

उकठा रोग (विल्ट रोग):

लक्षण:

छोटे छोटे हिस्सों में दिखने वाले लक्षण

पूरे खेत में फैलने पर पौधे का मुरझाना

जड़ के पास काली संरचना दिखाई पड़ती है

नियंत्रण उपाय:

बुवाई का समय:

अक्टूबर या नवम्बर महीने में बुवाई करें

गहरी जुताई:

गर्मी के मौसम में खेत की गहरी जुताई करें

उकठा रोगरोधी जातियां:

उकठा रोगरोधी जातियों का चने में उपयोग करें

जैसे - आर॰एस॰जी॰ 888, पूसा- 372, जे.जी. 315, जे.जी. 74, डी सी पी- 92-3, जे.जी.के. 1 आदि

कीटनाशक:

टेबूकोनज़ोल 5.4% एफ़ एस का उपयोग करें

स्केलेरोटिनिया (तना सड़न रोग):

लक्षण:

लम्बे धब्बों के रूप में तनों पर उभरे हुए फफूंद

पौधा मुरझा कर सुख जाता है

नियंत्रण उपाय:

कीटनाशक:

कार्बेन्डाजिम 12% + मैनकोज़ब 63% WP का उपयोग करें

या ट्राइकोडर्मा विरिडी @ 10 ग्राम प्रति किलो बीज

जैविक उपचार:

बुवेरिया बैसियाना को गोबर की खाद में मिलाकर छिड़काव करें

जड़ गलन:

लक्षण:

ग्रसित पौधों के स्थान पर सफेद बढ़वार दिखाई देती है

नियंत्रण उपाय:

गहरी जुताई:

गर्मी में गहरी जुताई करें

पानी का समुचित प्रबन्धन करें

जड़ सड़न अवरोधी जातियां:

जे.जी. 16, पूसा 372, आदि का प्रयोग करें

कीटनाशक:

कार्बेण्डजीम 50% WP का उपयोग करें

किट्ट रोग (रस्ट):

लक्षण:

ऊपरी सतह पर हल्के भूरे काले रंग के चकते

नियंत्रण उपाय:

कीटनाशक:

मेंकोजेब 75% WP या थायोफिनेट मिथाइल 70% WP का उपयोग करें

समय पर छिड़काव:

लक्षण दिखने पर समय पर कीटनाशक छिड़काव करें

संचार:

प्राकृतिक उपाय:

फसलों के बीच सही दूरी बनाए रखने से संचार कम होता है

बारिश के समय फसलों को सुखा रखने के लिए कोणे कोणे में चट्टाने बनाएं

स्थानांतरण:

एक खेत से दूसरे खेत में जल्दी से स्थानांतरण करें

इस प्रकार, उकठा, झुलसा, जड़ गलन, तना सड़न रोगों से बचाव के लिए सुरक्षित और प्रभावी उपायों का अनुसरण करके चने की फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है। अगर आप भी किसानी से जुड़े हैं, तो इन उपायों को अपनाकर अच्छी खेती कर सकते हैं।

इस लेख का उद्दीपन और विशेषज्ञ सलाह के लिए अपने स्थानीय कृषि विज्ञानी से संपर्क करें।

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