गेहूं में मैग्नीशियम: उपयोग, लाभ, और पौधों के लिए महत्व.

मैग्नीशियम, जो सेकेंडरी न्यूट्रिएंट्स में शामिल है, गेहूं की फसल के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से फुटाव और हरापन में परेशानी हो सकती है।

गेहूं में मैग्नीशियम: उपयोग, लाभ, और पौधों के लिए महत्व.
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गेहूं में मैग्नीशियम: उपयोग, लाभ, और पौधों के लिए महत्व.

गेहूं के उत्पादन में मैग्नीशियम का महत्वपूर्ण स्थान है, और इस लेख में हम जानेंगे कि गेहूं में मैग्नीशियम का सही प्रयोग कितना है, इसके लाभ, और पौधों के लिए क्यों यह आवश्यक है।

गेहूं में मैग्नीशियम: उपयोग और लाभ

सेकेंडरी न्यूट्रिएंट्स का महत्व: मैग्नीशियम, जो सेकेंडरी न्यूट्रिएंट्स में शामिल है, गेहूं की फसल के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से फुटाव और हरापन में परेशानी हो सकती है।

लक्षणों की पहचान: मैग्नीशियम की कमी के लक्षणों में हरे पत्तों का पीला होना शामिल है। यह पौधे के नीचे के हिस्से में पहले पाया जाता है, इसलिए ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

प्रकाश संश्लेषण में मदद: मैग्नीशियम प्रकाश संश्लेषण को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे पौधा हमेशा हरा रहता है। फास्फोरस को सक्रिय करने में भी इसका महत्व है।

गेहूं में मैग्नीशियम की कमी के लक्षण

गेहूं में मैग्नीशियम की कमी के लक्षणों को पहचानना महत्वपूर्ण है:

हरे पत्तों का पीला होना: नीचे के हरे पत्तों में पीला रंग की कमी को दर्शाता है।

पौधे के नीचे की ओर कमी: मैग्नीशियम पौधे के नीचे के हिस्से में होता है, जिससे इसकी कमी का पता लगाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

गेहूं में मैग्नीशियम का प्रयोग

गेहूं में मैग्नीशियम का प्रयोग करने के लिए कुछ सुझाव:

प्रकार मात्रा

मिट्टी में 10 किलोग्राम/एकड़

स्प्रे में 1 किलोग्राम/एकड़

गेहूं में मैग्नीशियम का प्रयोग करने से फसल में सुधार हो सकती है और उच्च उत्पादकता हो सकती है। इसे अच्छे से जांचकर उचित मात्रा में उपयोग करना चाहिए।

गेहूं में मैग्नीशियम का सही प्रयोग करने से आप अपने खेतों की उत्पादकता को बढ़ा सकते हैं और फसल को सुरक्षित रख सकते हैं। ध्यानपूर्वक मिट्टी की जांच करके और सही मात्रा में मैग्नीशियम का इस्तेमाल करके, आप अच्छी खेती के लिए तैयारी कर सकते हैं।

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