खेती में मरगोजा रोग का सटीक इलाज: सरसों की फसल को बचाएं और बंपर उत्पादन प्राप्त करें.

सरसों में होने वाला मरगोजा रोग। इस रोग के प्रति सही समय पर कदम उठाना गरीब किसानों के लिए आत्मविश्वास और अच्छे खेती उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

खेती में मरगोजा रोग का सटीक इलाज: सरसों की फसल को बचाएं और बंपर उत्पादन प्राप्त करें.
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खेती में मरगोजा रोग का सटीक इलाज: सरसों की फसल को बचाएं और बंपर उत्पादन प्राप्त करें.

आधुनिक खेती में अनेक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जिनमें से एक है सरसों में होने वाला मरगोजा रोग। इस रोग के प्रति सही समय पर कदम उठाना गरीब किसानों के लिए आत्मविश्वास और अच्छे खेती उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस लेख में, हम जानेंगे कैसे सरसों में मरगोजा रोग का सही और सटीक इलाज किया जा सकता है ताकि किसान साथियों को बेहतर फल मिले और उनकी मेहनत का सही मूल्य मिले।

सरसों की बिजाई और फसल चक्र:

सही समय पर बीज बोना जाना चाहिए, और फसल चक्र को अपनाना चाहिए।

बीते सालों में रोगप्रति भूमि की जाँच करें और रोगग्रस्त भूमि को उखाड़ें और नष्ट करें।

गलाइफोसेट स्प्रे:

पहला स्प्रे: बीजाई के बाद 25-30 दिन में, गलाइफोसेट दवा 25 एमएल का 120 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।

दूसरा स्प्रे: फसल बुवाई के 55-60 दिनों के बाद, गलाइफोसेट दवा 50 एमएल का 150 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।

स्प्रे करते समय नोजल का इस्तेमाल करें और मौसम की अच्छाई और खेत में पर्याप्त नमी का ध्यान रखें।

फायदे:

सही समय पर स्प्रे करने से सरसों की फसल में 90% तक कमी हो सकती है।

उच्च उत्पादकता से निराश किसानों को बचाया जा सकता है।

सावधानियां:

स्प्रे करते समय सुरक्षा उपायों का पूरी तरह से पालन करें।

वैज्ञानिकों की सलाह और निरीक्षण के बाद ही कोई उपाय अपनाएं।

संपूर्ण समर्थन:

किसान साथियों को संपूर्ण समर्थन प्रदान करें और उन्हें नए तकनीकी उपायों के साथ अवगत करें।

सरसों में मरगोजा रोग के खिलाफ सटीक और सुरक्षित इलाज के लिए उपरोक्त सुझावों का पालन करना किसानों को बेहतर उत्पादन दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है। यह साबित हो सकता है कि सही तकनीकी उपायों के साथ खेती में सुधार करना सिर्फ खेतीबाड़ी को नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को भी लाभ पहुंचा सकता है।

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