हरियाणा किसानों को मिल रही है ड्रोन से 100 रुपये में नैनो यूरिया की मदद, खेतों में बढ़ाएगा उत्पादकता.

कृषि विभाग ने उच्च उत्पादकता और कम खर्च के साथ खेतों में नैनो यूरिया का प्रयोग करने की योजना बनाई है।

हरियाणा किसानों को मिल रही है ड्रोन से 100 रुपये में नैनो यूरिया की मदद, खेतों में बढ़ाएगा उत्पादकता.
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हरियाणा किसानों को मिल रही है ड्रोन से 100 रुपये में नैनो यूरिया की मदद, खेतों में बढ़ाएगा उत्पादकता.

हरियाणा के किसानों के लिए एक नई और उत्कृष्ट कृषि तकनीक का आगाज हुआ है, जिसमें ड्रोन का उपयोग करके महज 100 रुपये में नैनो यूरिया का छिड़काव होगा। इस नई पहल के तहत, कृषि विभाग ने उच्च उत्पादकता और कम खर्च के साथ खेतों में नैनो यूरिया का प्रयोग करने की योजना बनाई है।

ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया का छिड़काव:

कृषि विभाग ने बताया है कि इस पहल में, 5 हजार एकड़ भूमि पर ड्रोन का उपयोग करके नैनो यूरिया का छिड़काव किया जाएगा। इस अद्वितीय पहल के तहत, किसानों को आपके खेत में मात्र 100 रुपये में नैनो यूरिया का छिड़काव कराया जाएगा, जो उन्हें मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाने के बाद ही उपलब्ध होगा।

नैनो यूरिया का महत्व:

रासायनिक खादों के अधिक प्रयोग से उत्पादकता पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है, और खेतों में आवश्यकता से अधिक खाद का छिड़काव किए जाने से फसल उत्पादन का लागत मूल्य भी बढ़ जाता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए सरकार ने किसानों को नैनो यूरिया का प्रचार-प्रसार करने के लिए प्रेरित किया है। नैनो यूरिया का तरल रूप से मौजूद होना खेत में आवश्यकता से अधिक यूरिया के छिड़काव से बनने वाली समस्याओं को दूर कर सकता है।

प्रोजेक्ट का लक्ष्य:

कृषि विभाग ने पांच हजार एकड़ भूमि पर ड्रोन से नैनो यूरिया का छिड़काव करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए, 'पहले आओ और पहले पाओ' की नीति अनुसरण की जा रही है, जिसमें वे किसानों को प्रोजेक्ट में पंजीकृत करने के लिए पहले आने वाले किसानों को बोनस प्रदान करेंगे।

प्रोसेस का विवरण:

छिड़काव की प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक के साथ सम्पन्न किया जाएगा, जिसमें ड्रोन सेंसर की मदद से खेत के प्रत्येक भाग में समान मात्रा में यूरिया का छिड़काव किया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग स्वयं 100 रुपये प्रति एकड़ में नैनो यूरिया की आपूर्ति करेगा।

योजना के प्रमुख फायदे:

कम खर्च:

नैनो यूरिया का उपयोग करने से खेतों में खाद की कमी होगी, जिससे किसानों को कम खर्च में उत्पादकता मिलेगी।

पर्यावरण सहमत:

तरल रूप में मौजूद नैनो यूरिया से उत्पन्न होने वाले वायु प्रदूषण को कम करके पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है।

फसल उत्पादन में वृद्धि:

यूरिया के समान की अधिक मात्रा में छिड़काव करने से फसलों का उत्पादन बढ़ सकता है।

सरकारी सहायता:

पहले पंजीकरण करवाने वाले किसानों को सरकार द्वारा बोनस प्रदान करने के माध्यम से किसानों को सहायता मिलेगी।

नैनो यूरिया बनाने की प्रक्रिया:

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि नैनो यूरिया खेत में छिड़काव करने के लिए उपलब्ध किया जाएगा, और इसमें उच्च गुणवत्ता वाले तत्वों का समृद्धि किया जाएगा।

सरकारी पहल:

कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने खाद एजेंसियों और कृषि अधिकारियों के साथ एक बैठक की है, जिसमें नई योजना को सिरे चढ़ाने का प्लान बनाया गया है। इस बैठक में सहायक कृषि अभियंता, गुण नियंत्रण अधिकारी, इफको, कृभको, और हैफेड के अधिकारी मौजूद रहे हैं।

इस पहल से किसानों को सस्ते और अधिक उत्पादकता वाले उर्वरक का लाभ होगा। ड्रोन से होने वाले नैनो यूरिया के छिड़काव से खेतों की उपज बढ़ सकती है, जिससे किसानों को अधिक आय प्राप्त हो सकती है। इसके साथ ही, पर्यावरण को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।

इस नए पहल के साथ हरियाणा कृषि में एक नया क्षेत्र खुला है, जिससे किसानों को आर्थिक और पर्यावरणीय फायदे हो सकते हैं। इस प्रयास के साथ, सरकार ने कृषि सेक्टर को और भी सुदृढ़ बनाने के लिए एक उदार और आधुनिक कदम उठाया है।

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