चट्ठा ननहेड़ा के किसान ने कैसे की 15 एकड़ में सब्जी की खेती, बनाया सालाना 15 लाख का मुनाफा.

आर्थिक तंगी से निकलकर सब्जी की खेती का रास्ता चुना है। उन्होंने एक एकड़ से शुरू की गई खेती .

चट्ठा ननहेड़ा के किसान ने कैसे की 15 एकड़ में सब्जी की खेती, बनाया सालाना 15 लाख का मुनाफा.
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चट्ठा ननहेड़ा के किसान ने कैसे की 15 एकड़ में सब्जी की खेती, बनाया सालाना 15 लाख का मुनाफा.

आरंभिक सिरा

संगरूर के किसान विंदर सिंह ने आर्थिक तंगी से निकलकर सब्जी की खेती का रास्ता चुना है। उन्होंने एक एकड़ से शुरू की गई खेती को अब 15 एकड़ में बढ़ाकर हर साल 15 लाख रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं।

नई सोच का आरंभ

1997 में रिवायती फसलों से होकर उबारता हुआ, विंदर सिंह ने मिर्च की खेती में कदम रखा। पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी के सलाहकारों की मदद से, उन्होंने पहली फसल से ही 40 हजार से अधिक कमाई की। इस सफलता ने उन्हें मुख्यमंत्री अवार्ड से नवाजा।

आधुनिक खेती का उत्कृष्ट उदाहरण

विंदर सिंह ने मौसम की बाधा को ध्यान में रखते हुए पॉलीहाउस और पानी ड्रिप सिस्टम का उपयोग करके आधुनिक खेती की शुरुआत की। इससे सब्जियों की उच्च पैदावार हो रही है और आमदन में वृद्धि हो रही है।

सम्मान और प्रेरणा

उनकी उपलब्धियों ने नहीं सिर्फ गांव को बल्कि पूरे क्षेत्र को भी प्रेरित किया है। पंजाब सरकार ने 2017 में उन्हें मुख्यमंत्री अवार्ड से सम्मानित किया और उनकी सफलता ने आसपास के किसानों को भी सब्जी की खेती में जुटने के लिए प्रेरित किया है।

आदर्श खेती की विधि

विंदर सिंह की सब्जियों की खेती में उनकी आदर्श खेती की विधि ने कई जिलों से आ रहे सब्जी के खरीदारों को आकर्षित किया है। उनकी विरायटी खेती और गुणवत्ता से भरी सब्जियों ने लोगों को विश्वास दिलाया है कि उनके खेत से आई सब्जियां स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी हैं।

विंदर सिंह की खेती से आई मुनाफा

वर्ष खेती का क्षेत्र (एकड़) सालाना मुनाफा (रुपए)

2017 1 40,000

2018 5 6,00,000

2019 10 10,00,000

2020 15 15,00,000

खरबूजा की खेती

विंदर सिंह का अद्वितीय उपाधि है एक एकड़ में 5 लाख के खरबूजे की पैदावार करना। उनकी मेहनत ने दिखाया कि शिक्षा की सीमा नहीं, बल्कि किसानी में भी असीम सीख हो सकती है।

आत्मनिर्भरता का सफर

विंदर सिंह का सफल सफर दिखाता है कि आत्मनिर्भरता की दिशा में किसानों को नए रास्ते तय करना महत्वपूर्ण है। उनकी उपलब्धियां नए भविष्य की ओर किसानों को प्रेरित कर रही हैं।

सब्जी की विरायटी और बाजार

विंदर सिंह की सब्जियां अब संगरूर, मालेरकोटला, और पटियाला जिले के अलावा कई जिलों में भी बाजार में उपलब्ध हैं। उनकी विरायटी होने के कारण उनके खेतों से आई सब्जियों की मांग बढ़ रही है, जिससे उन्हें अधिक मुनाफा हो रहा है।

अनुसंधान और विकास

विंदर सिंह की कहानी हमें यह सिखाती है कि सोच और मेहनत से किसान आत्मनिर्भर बन सकता है। उनका उदाहरण देखकर आसपास के किसानों को भी सब्जी की खेती में रुचि लेने के लिए प्रेरित होना चाहिए।

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