बिहार सरकार द्वारा मधुमक्खी पालन के लिए 90% तक की सब्सिडी, आवेदन प्रक्रिया 16 दिसंबर से शुरू.

मधुमक्खी पालन एक नए आयाम की दिशा में बढ़ता हुआ व्यवसाय बन गया है। इसमें किसानों को सरकार का समर्थन मिल रहा है.

बिहार सरकार द्वारा मधुमक्खी पालन के लिए 90% तक की सब्सिडी, आवेदन प्रक्रिया 16 दिसंबर से शुरू.
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बिहार सरकार द्वारा मधुमक्खी पालन के लिए 90% तक की सब्सिडी, आवेदन प्रक्रिया 16 दिसंबर से शुरू.

भारत के गाँवीण क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन एक नए आयाम की दिशा में बढ़ता हुआ व्यवसाय बन गया है। इसमें किसानों को सरकार का समर्थन मिल रहा है, और बिहार सरकार ने इस विकास के लिए 90% तक की सब्सिडी प्रदान करने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत, किसान 16 दिसंबर से आवेदन कर सकते हैं और इस सुनहरे अवसर को अपने लाभ के रूप में बदल सकते हैं।

योजना के लाभ:

सरकार द्वारा प्रदान की जा रही 90% तक की सब्सिडी के माध्यम से किसानों को मधुमक्खी पालन में आसानी होगी।

शहद के लिए कॉलोनी, मधुमक्खी बॉक्स, मधु निष्कासन यंत्र और प्रसंस्करण के लिए सामान्य वर्ग के किसानों को 75% तक अनुदान और एससी-एसटी वर्ग के किसानों को 90% तक सब्सिडी मिलेगी।

आवेदन प्रक्रिया बहुत ही सरल है और इसे ऑनलाइन ही पूरा किया जा सकता है।

आवेदन प्रक्रिया:

ऑनलाइन आवेदन:

किसान उद्यान विभाग (Horticulture Department) की आधिकारिक वेबसाइट http://horticulture.bihar.gov.in/ पर जाएं।

आवश्यक विवरण भरें और आवेदन प्रक्रिया को पूरा करें।

आवेदन शुल्क और अन्य विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।

अनुदान की प्राप्ति:

सामान्य वर्ग के किसानों को 75% तक और एससी-एसटी वर्ग के किसानों को 90% तक सब्सिडी मिलेगी।

अनुदान की राशि का निर्धारण आवेदनकर्ता की पूर्णता और आवश्यकताओं के आधार पर होगा।

राज्यों में अन्य सब्सिडी योजनाएँ:

राज्य योजना अनुदान दर

बिहार मधुमक्खी पालन योजना 90% तक सब्सिडी

झारखंड मीठी क्रांति योजना 80% तक अनुदान

नाबार्ड सहायता:

राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (NBB) ने नाबार्ड (NABARD) के साथ मिलकर एक वित्तीय योजना शुरू की है जिससे किसानों को मधुमक्खी पालन के लिए वित्त प्रदान किया जा रहा है। इससे इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले किसानों को बहुत लाभ होगा।

बिहार सरकार द्वारा प्रदान की जा रही मधुमक्खी पालन सब्सिडी योजना के माध्यम से किसानों को नई आयाम में अग्रणी बनने का एक सुनहरा अवसर है। यह योजना किसानों को न केवल आर्थिक सहारा प्रदान करेगी बल्कि उन्हें एक नए और लाभकारी व्यवसाय की दिशा में आगे बढ़ने का मौका देगी। किसानों को इस सुनहरे अवसर का उचित रूप से लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए।

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