Basmati Rice Export: बासमती चावल के एक्सपोर्ट ने तोड़ा र‍िकॉर्ड, भारत का बढ़ा गौरव, दुनिया का शौक

Basmati Rice Export: बासमती चावल के एक्सपोर्ट ने तोड़ा र‍िकॉर्ड, भारत का बढ़ा गौरव, दुनिया का शौक
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Basmati Rice Export: बासमती चावल के एक्सपोर्ट ने तोड़ा र‍िकॉर्ड, भारत का बढ़ा गौरव, दुनिया का शौक

खेत खजाना : Basmati Rice Export, भारत का बासमती चावल (Basmati Rice) दुनिया के हर कोने में अपनी खुशबू और स्वाद के लिए मशहूर है। इसका एक्सपोर्ट हर साल नए रिकॉर्ड बनाता है। इस बार भी बासमती चावल का एक्सपोर्ट पिछले साल के मुकाबले 6254 करोड़ रुपये ज्यादा हुआ है। यह तब जब इसके दाम भी बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल मार्च तक इसका एक्सपोर्ट 45 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है।

बासमती चावल का एक्सपोर्ट भारत के कृषि उत्पादों का सबसे बड़ा शेयर रखता है। साल 2022-23 में कुल एग्री एक्सपोर्ट में इसकी हिस्सेदारी 17.4 फीसदी थी, जो इस साल और बढ़ने की उम्मीद है। बासमती चावल को दुनिया का क्वीन ऑफ राइस कहा जाता है। इसकी मांग विदेशी बाजारों में बहुत ज्यादा है।

एपिडा के एक अधिकारी ने बताया कि साल 2023-24 के अप्रैल से दिसंबर तक हमने 35,42,875 मीट्रिक टन बासमती चावल का एक्सपोर्ट किया है। इससे हमें 32,845.2 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा मिली है। इसी अवधि में पिछले साल हमने 26590.9 करोड़ रुपये का बासमती चावल एक्सपोर्ट किया था। बासमती चावल की खेती बढ़ाने में पूसा के निदेशक डॉ. अशोक सिंह ने कहा है कि इस साल मार्च तक एक्सपोर्ट 45000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

बासमती चावल के दाम और एमईपी का प्रभाव बासमती चावल के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है। साल 2021-22 में इसका एक्सपोर्ट 868 डॉलर प्रति टन के दाम पर हुआ था। लेकिन मौजूदा साल में इसका एक्सपोर्ट 1121 डॉलर प्रति टन के दाम पर हुआ है। यानी प्रति टन 253 डॉलर का इजाफा हुआ है। दाम बढ़ने के बावजूद एक्सपोर्ट में कोई कमी नहीं आई है।

केंद्र सरकार ने 26 अगस्त 2023 को बासमती चावल के एक्सपोर्ट पर 1200 डॉलर प्रति टन का मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) लगाया था। इससे एक्सपोर्ट में रुकावट आने की आशंका थी। लेकिन उद्योग जगत के विरोध के बाद 26 अक्टूबर को इसे 950 डॉलर प्रति टन कर दिया गया। इसके बाद एक्सपोर्ट में फिर से तेजी आई है।

बासमती चावल की खेती कहां-कहां होती है? बासमती चावल की खेती दुनिया में सिर्फ दो देशों में होती है। भारत और पाकिस्तान। भारत में सात राज्यों में बासमती चावल का उत्पादन होता है। इन्हें बासमती चावल का जीआई टैग मिला हुआ है। ये राज्य हैं- पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश (30 जिले), दिल्ली, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (कठुआ और सांबा)।

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