हो जाए सावधान! अब बिना कोर्स किए नहीं बेच सकते कीटनाशक दवाईया, कृषि विभाग ने किया बड़ा ऐलान

हो जाए सावधान! अब बिना कोर्स किए नहीं बेच सकते कीटनाशक दवाईया, कृषि विभाग ने किया बड़ा ऐलान
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खेती के लिए कीटनाशक दवा की दुकान खोलने के लिए अब कृषि का डिप्लोमा करने के साथ कृषि विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना इस लाइसेंस के, किटनाशक दवा का विपणी करना मुश्किल हो सकता है। खेती में किसानों को खरीफ और रबी फसलों को रोग से बचाने के लिए कीटनाशक दवाओं का उपयोग करना पड़ता है, और इसके बिना फसलों की सुरक्षा संभावना से कम हो सकती है। इसलिए, इस नए नियम के तहत, कीटनाशक दवा विक्रेताओं को भी विशेष डिप्लोमा और लाइसेंस की आवश्यकता होगी, जिससे उन्हें इस क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ विभाग करेगा कार्रवाई

बिना लाइसेंस और डिप्लोमा के कीटनाशक दवा बेचने वालों के खिलाफ अब कृषि विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। यह अनैतिक प्रथा से निपटने के लिए कदम उठाया गया है क्योंकि ऐसे दवाओं की बिना जांच-परख के विक्रय करने से कई बार किसानों को गलत प्रभाव भी होता है। यह नुकसान खेती में होने के साथ-साथ पशुओं और किसानों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। इन दवाओं का प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है, इसलिए उनकी गलत उपयोग से खतरा भी बना रहता है।

किसान लक्षणों के आधार पर खरीदते हैं दवा

अब अधिकांश किसान सीधे खुदरा विक्रेताओं से संपर्क करके फसल पर कीटों और व्याधियों के लक्षणों के आधार पर दवा खरीदते हैं। हालांकि, कभी-कभी विक्रेताओं के पास सही जानकारी न होने के कारण कृषकों को वांछित दवा नहीं मिल पाती।

ऐसे में, सही दवाओं की बिक्री के लिए प्रशिक्षित और अनुभवी व्यक्ति ही कीटनाशक दवाओं की दुकान खोल सकते हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कीटनाशक दवा बेचने के लिए दुकानदार को इससे संबंधित प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। सभी दुकानदारों को कृषि विभाग से डिप्लोमा हासिल करना जरूरी होगा, अन्यथा उनका लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है।

कोर्स के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य

गाँव सेवा सहकारी समितियों और निजी दुकानों में खाद विक्रेताओं द्वारा दवाएँ बेची जाती हैं। अब, इस काम के लिए सभी को डिप्लोमा पास करना आवश्यक होगा। राष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य प्रबंध संस्थान, हैदराबाद द्वारा, भारत सरकार के गजट राजपत्र के अनुसार, सभी खुदरा विक्रेताओं और वितरकों को शैक्षणिक मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा।

इन सभी खुदरा विक्रेताओं और वितरकों को अपने व्यापार को जारी रखने के लिए 31 जनवरी, 2024 तक ऑनलाइन पंजीकरण कराना आवश्यक है। इसके बाद, उनकी व्यवसायिक गतिविधि को मान्यता नहीं दी जाएगी। इस तारीख के बाद, केवल निर्धारित योग्यताधारी कीटनाशी रसायन विक्रेता ही कीटनाशी रसायनों का व्यापार कर सकेंगे।

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