Business Idea: इस पेड़ से कमाए लाखों रुपये, मात्र 3 साल ही आपको कर देगा मालामाल, जड़ से लेकर पतियों की होती है सेल

Business Idea: इस पेड़ से कमाए लाखों रुपये, मात्र 3 साल ही आपको कर देगा मालामाल, जड़ से लेकर पतियों की होती है सेल
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Business Idea: इस पेड़ से कमाए लाखों रुपये, मात्र 3 साल ही आपको कर देगा मालामाल, जड़ से लेकर पतियों की होती है सेल

Business Idea: किसान अपनी आय को बढ़ाने के लिए परंपरागत खेती छोड़ कर आधुनिक खेती की तरफ अधिक अग्रसर हो रहे है । क्योंकि बागवानी एक ऐसी खेती है जिससे किसान अपनी मंजिल को कुछ ही सालों में हासिल कर सकता है । ऐसे में भारतीय किसानों के लिए सहजन की खेती (sahjan ki kheti) एक नई आशा की किरण बनकर उभरी है। इसे (मिरैकल ट्री) भी कहा जाता है और इसकी खेती से न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचता है बल्कि यह किसानों के लिए भी आर्थिक लाभ का स्रोत है।

सहजन की खेती (sahjan ki kheti) से जुड़ी विशेषताएं और फायदे इसे एक लाभकारी फसल बनाते हैं। इसकी पत्तियां, बीज, और तना - सभी कुछ बाजार में बिकते हैं। सहजन को सुपरफूड का दर्जा प्राप्त है क्योंकि इसमें बीटा-कैरोटीन, विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम और आयरन जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

आईसीएआर की सिफारिश के अनुसार रोहित 1, धनराज, केएम 1, पीकेएम 2 और पीकेएम-1, ओडिसी और भाग्या जैसी किस्में साल में दो बार फसल देने में सक्षम हैं। सहजन की खेती (sahjan ki kheti) के लिए उपयुक्त मिट्टी का पी.एच. 6.5 से 8.0 के बीच होना चाहिए।

बीजों को बुवाई से पहले पानी में भिगोकर अंकुरण दर बढ़ाई जाती है। सहजन के रोपण के समय सड़ी गोबर की खाद और नीम खली देना चाहिए। पौधा संरक्षण के लिए कीट नियंत्रण और जड़ गलन रोकथाम महत्वपूर्ण हैं। सहजन पहले 3-4 साल में 20-30 किग्रा प्रति पेड़ और बाद में 40-50 किग्रा प्रति पेड़ उपज देता है।

अगर किसान सहजन को 3x3 मीटर की दूसरी पर लगाते हैं तो प्रति वर्ष कम से कम 20-25 टन प्रति हेक्टेयर उपज मिल सकती है, जिससे वह 1 लाख से 1.50 लाख तक कमाई कर सकते हैं।

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