Coriander Varieties: किसान भाई ध्यान दे! आज ही शुरू करें धनिया की ये टॉप पांच उन्नत किस्मों की खेती, कम लागत में होगा बंपर मुनाफा

Coriander Varieties: किसान भाई ध्यान दे! आज ही शुरू करें धनिया की ये टॉप पांच उन्नत किस्मों की खेती, कम लागत में होगा बंपर मुनाफा
X

Coriander Varieties: धनिया की फसल किसानों के लिए लाभदायक होती है। इससे कम लागत में अच्छी मुनाफा कमाया जा सकता है। धनिया की मांग हमेशा बनी रहती है और उसकी अच्छी कीमत मिलती है। इसलिए, इस फसल से किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं।

यहाँ हम पेश कर रहे हैं देश के किसानों के लिए धनिया की पांच बेहतरीन उन्नत किस्मों की जानकारी। इनमें कुंभराज, आर सी आर 41, सिम्पो एस 33, आर सी आर 446, और हिसार सुगंध शामिल हैं। ये सभी किस्में प्रति एकड़ 8 क्विंटल तक उत्पादन कर सकती हैं, और इन्हें 110 से 150 दिनों में तैयार किया जा सकता है।

बता दें कि धनिया की ये किस्में ज्यादातर पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, बिहार, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए उपयुक्त है. ऐसे में आइए धनिया की इन टॉप पांच किस्मों के बारे में विस्तार से जानते हैं-

धनिया की टॉप पांच उन्नत किस्में

धनिया की कुंभराज किस्म 115-120 दिनों में पूरी तरह से पक जाती है। इसके दानों का आकार छोटा होता है और पौधों पर सफेद रंग के फूल खिलते हैं। यह किस्म उकठा रोग और भूतिया रोग के खिलाफ प्रतिरोधी होती है। किसान इससे प्रति एकड़ लगभग 5.6 से 6 क्विंटल तक उत्पादन कर सकते हैं।

धनिया की आर सी आर 41 किस्म 130 से 140 दिनों में पूरी तरह पक जाती है। यह किस्म हेक्टेयर के लगभग 9 से 11 क्विंटल तक उत्पादन करती है। इसके दाने आकार में छोटे होते हैं। आर सी आर 41 किस्म टाल वैरायटी, गुलाबी फूल, उकठा, और स्टेमगाल के खिलाफ प्रतिरोधी होती है।

धनिया की सिम्पो एस 33 किस्म 140 से 150 दिनों में पूरी तरह तैयार हो जाती है। इसकी प्रति एकड़ से 7.2 से 8 क्विंटल तक उत्पादन होता है। इसके दाने काफी बड़े और अंडाकार होते हैं। इस किस्म को उकठा, स्टेमगाल रोग और भूतिया रोग के खिलाफ प्रतिरोधी माना जाता है।

धनिया की हिसार सुगंध किस्म- यह किस्म खेत में 120 से 125 दिन में पक जाती है. किसान धनिया की इस किस्म से 19 से 21 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज पा सकते हैं. इस किस्म के दाने मध्यम आकार के होते हैं.

धनिया की आऱ सी आर 446 किस्म- धनिया की यह उन्नत किस्म असिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं. यह किस्म 110 से 130 दिन में पक जाती है और इस किस्म से किसान प्रति एकड़ 4.1 से 5.2 क्विंटल तक पैदावार पा सकते हैं. धनिया की आऱ सी आर 446 किस्म के दाने का आकार भी मध्यम होता है. वहीं, यह किस्म उकठा रोग, स्टेमगाल रोग एवं भभूतिया रोग के प्रतिरोधक है.

Tags:
Next Story
Share it