सालों साल से चलती आ रही है इस फसल की खेती, हर मसालों में होती है इस फसल की आवश्यकता, फायदे है बेसुमार

सालों साल से चलती आ रही है इस फसल की खेती, हर मसालों में होती है इस फसल की आवश्यकता, फायदे है बेसुमार
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सालों साल से चलती आ रही है इस फसल की खेती, हर मसालों में होती है इस फसल की आवश्यकता, फायदे है बेसुमार

Khet Khajana: New Delhi, सरसों: एक चमत्कारी फसल सरसों का नाम सुनते ही आपको शायद खाने की चीजें याद आती होंगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह एक ऐसी फसल है, जिसके अनेक फायदे हैं? सरसों का इतिहास, उपयोग, गुण और नुकसान के बारे में जानने के लिए इस लेख को पढ़ें।

सरसों क्या है?

सरसों एक प्रकार का तेल बीज वाला पौधा है, जिसका वैज्ञानिक नाम ब्रेसिका कैंपेस्ट्रिस है। इसकी पत्तियां, फूल और बीज सभी का उपयोग किया जाता है। सरसों के बीजों से तेल निकाला जाता है, जो भारत में खाना बनाने के लिए बहुत प्रचलित है। सरसों की पत्तियों का साग भी बनाया जाता है, जो पंजाब का प्रसिद्ध व्यंजन है। सरसों के बीजों का तड़का भी लगाया जाता है, जो खाने को स्वादिष्ट बनाता है।

सरसों का इतिहास

सरसों का उपयोग प्राचीन काल से ही किया जाता रहा है। इसका उल्लेख भारतीय और सुमेरियन लेखों में 3000 ईसा पूर्व तक मिलता है। तूतनखामुन के मकबरे में सरसों के बीजों की खोज से पता चलता है कि प्राचीन मिस्रवासी भी इसका उपयोग करते थे। सरसों का उत्पादन भारत में सबसे ज्यादा होता है, जहां इसकी खेती राजस्थान, मध्य प्रदेश, यूपी, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, आसाम, झारखंड़, बिहार और पंजाब में की जाती है।

सरसों के फायदे

सरसों के अनेक फायदे हैं, जो निम्नलिखित हैं:

सरसों का तेल शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है, रक्त को पतला करता है, कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और हृदय रोगों से बचाता है।

सरसों का तेल मालिश करने से जोड़ों का दर्द, गठिया, मांसपेशियों का दर्द और त्वचा की समस्याओं में आराम मिलता है।

सरसों का तेल बालों को मजबूत, घने, काले और चमकदार बनाता है। इससे बालों का झड़ना, रूसी, खुजली और गंजेपन से निजात मिलता है।

सरसों का साग विटामिन A, C, K, E, फोलेट, फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और आयरन से भरपूर होता है। इससे आँखों, त्वचा, हड्डियों, दांतों, पाचन, प्रतिरक्षा और रक्त की सेहत में सुधार होता है।

सरसों के बीज में ग्लूकोसिनोलेट्स नामक एक पदार्थ होता है, जो कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकता है। इससे कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।

सरसों के बीज में साइनपाइन नामक एक पदार्थ होता है, जो अस्थमा के लक्षणों को कम करता है। इससे सांस लेने में आसानी होती है।

सरसों के बीज में मौजूद मैग्नीशियम और सेलेनियम तनाव, चिंता, डिप्रेशन और नींद की समस्याओं में लाभकारी होते हैं। इससे मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।

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