सरसों में फैल रहा खतरनाक कैंसर मारगोजा रोग, अगर समय पर नहीं किया बचाव तो पूरी फसल हो जाएगी बर्बाद, तुरंत करें ये समाधान

चक्र अपनाना विशेषकर जल संचार को सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है, जिससे मारगोजा को कमी हो।

सरसों में फैल रहा खतरनाक कैंसर मारगोजा रोग, अगर समय पर नहीं किया बचाव तो पूरी फसल हो जाएगी बर्बाद, तुरंत करें ये समाधान
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सरसों में फैल रहा खतरनाक कैंसर मारगोजा रोग, अगर समय पर नहीं किया बचाव तो पूरी फसल हो जाएगी बर्बाद, तुरंत करें ये समाधान



आजकल, सरसों की खेती में मारगोजा से निपटना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस समस्या का सही समाधान न केवल फसल की रक्षा करेगा, बल्कि उपज भी बढ़ाएगा। इस लेख में, हम चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सुझावों पर आधारित एक पूर्ण गाइड प्रस्तुत करेंगे।

फसल चक्र अपनाएं

चक्र अपनाना विशेषकर जल संचार को सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है, जिससे मारगोजा को कमी हो।

छिड़काव 1 - 25 दिन की फसल पर

ग्लाईफोसेट (राउंडअप) 25 मिलीलीटर प्रति एकड़

पानी 150 लीटर प्रति एकड़

छिड़काव 2 - 50 दिन की फसल पर

ग्लाईफोसेट 41% एस एल (राउंडअप) 50 मिलीलीटर प्रति एकड़

पानी 150 लीटर प्रति एकड़

सुझाव:

अधिक खेत में नमी सुनिश्चित करें।

अत्यधिक खाद्यांकन से बचें और सिर्फ सुझाई गई मात्रा में ही दवा डालें।

इस रोग के अधिक प्रभाव होने पर ग्लाईफोसेट खरपतवारनाशक की 25 मिली मात्रा प्रति एकड़ बिजाई के 30 दिन बाद तथा 50 मिली मात्रा प्रति एकड़ बिजाई के 55 -60 दिन बाद 125-150 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने से मरगोजा पर 60- से 90 प्रतिशत तक नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि छिड़काव के समय खेत में नमी का होना जरूरी है तथा छिड़काव से 2-3 दिन पहले या बाद में सिंचाई अवश्य करें। सुबह के समय छिड़काव करें।

सरसों में मारगोजा को रोकने के लिए इन सरल उपायों का पालन करते हुए, आप अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं और बेहतर उत्पादकता हासिल कर सकते हैं।

ध्यान दें


इन सुझावों का अनुसरण करने से पहले, स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से परामर्श करना सुनिश्चित करें।


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