कम अंकुरण से नामी कंपनियों ने नहीं तैयार किए देसी कपास के बीज, असमंजस में किसान

जिले में करीब 15 कंपनियों की तरफ से देसी कपास के बीज की सप्लाई की गई थी। इस वर्ष कुछ कंपनियों ने ही देसी कपास दी है।

कम अंकुरण से नामी कंपनियों ने नहीं तैयार किए देसी कपास के बीज, असमंजस में किसान
X

जिले में देखें कपास की बिजाई का समय शुरू हो गया है। लेकिन बाजार में नामी कंपनियों के देसी कपास का बीज उपलब्ध न होने पर किसान असमंजस में है। कम अंकुरित होने के कारण कई नामी कंपनियों ने इस बार देसी कपास का बीज ही तैयार नहीं किया। बाजार में किसान देसी कपास का बीज लेने के लिए पहुंच रहे हैं। बीज न होने के कारण दुकानदार किसानों को वापस लौटा रहे हैं।

जिले में देसी कपास और नरमे की दो लाख 75 हजार 186 हैक्टेयर में बिजाई की जाती है। बीते वर्ष नरमे में गुलाबी सुंडी के प्रकोप के कारण किसानों को अब नरमे के प्रति रूचि भी कम हो गई। जबकि बीते वर्ष देसी कपास में कम बीमारी लगने व उत्पादन अच्छा होने पर किसान इसकी बिजाई करने की तैयारी कर रहे हैं।

लेकिन नामी कंपनियों की तरफ से देसी कपास का बीज तैयार न किए जाने के कारण मायूस होकर वापस लौट रहे हैं। किसान एक दुकान से दूसरी दुकान पर पहुंच देसी कपास के बीज की जानकारी जुटा रहे हैं। लेकिन किसी भी नामी कंपनी का उन्हें बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा। इसके कारण उन्हें मजबूरी में नरमे की बिजाई करनी पड़ेगी। वहीं किसानों को इस बात का भी डर है कि अगर इस बार भी गुलाबी गुंडी से नरमा प्रभावित हो गया तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।

राजस्थान सहित अन्य प्रांतों से सप्लाई किया जाता है बीज

बीते वर्ष देसी कयास की चुनाई के दौरान फंगस आने व अन्य कई बीमारी होने के कारण नामी कंपनियों ने इसका बीज तैयार कर दोबारा से सर्च की। जिसके दौरान बीज कम अंकुरित हुआ। ऐसे में कंपनियों ने बीज तैयार करने से हाथ पीछे खीच लिप और केवल नरमे का ही चीज तैयार किया है। जिले में गुजरात राजस्थान, आध्रप्रदेश सहित अन्य राज्यों की नामी कंपनियों की तरफ से बीज तैयार कर सप्लाई किया जाता था।

देसी कपास के लिए इस बार अभी तक कोई गुणवत्तापूर्ण बीज किसी कंपनी की ओर से नहीं उपलब्ध करवाया गया है। अंकुरण कम होने के चलते देसी कपास का बीज उपलब्ध होने में समस्या आ रही है। किसान नरमे व कपास की 15 अप्रैल के बाद ही बिजाई शुरू करें। - सुखदेव सिंह, पूर्व उपनिदेशक, सिरसा

जिले में करीब 15 कंपनियों की तरफ से देसी कपास के बीज की सप्लाई की गई थी। इस वर्ष कुछ कंपनियों ने ही देसी कपास दी है। नई कंपनियों के बीज को लेकर भी किसान असमंजस में है और नामी कंपनियों का बीज दिए जाने की मांग की जा रही है। कंपनियों की ओर से बीज तैयार न किए जाने को लेकर किसानों को जानकारी दी जा रही है।

रमेशबब्बर, बीज विक्रेता, सिरसा


Tags:
Next Story
Share it