किसान नेमीचंद धाकड़ ने अपने फार्म हाउस में थाईलैंड अमरूद के साथ की है स्ट्रॉबेरी की खेती, कमाई सुनकर आपके उड़ने वाले हैं होश

नामीचंद ने अपने फार्म में थाईलैंड के अमरूद के साथ strawberry की खेती भी शुरू की, जिससे उन्होंने अपनी आमदनी को बढ़ाया।

किसान नेमीचंद धाकड़ ने अपने फार्म हाउस में थाईलैंड अमरूद के साथ की है स्ट्रॉबेरी की खेती, कमाई सुनकर आपके उड़ने वाले हैं होश
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किसान नेमीचंद धाकड़ ने अपने फार्म हाउस में थाईलैंड अमरूद के साथ की है स्ट्रॉबेरी की खेती, कमाई सुनकर आपके उड़ने वाले हैं होश

भारतीय कृषि में एक नया दौर शुरू हो रहा है, जिसमें किसान नए तकनीकों और खेती विधियों का इस्तेमाल करके करोड़पति बन रहे हैं। इस लेख में, हम जानेंगे चित्तौड़गढ़ के किसान नामीचंद धाकड़ की कहानी, जिन्होंने अमरूद की खेती से कैसे अपने आप में एक रिकॉर्ड स्थापित किया।

अमरूद की खेती

नामीचंद धाकड़ ने अपने फार्म हाउस में थाईलैंड के अमरूद की किस्म लगाई और इसे एडवांस कृषि प्रणाली के साथ उन्नत बना दिया। उन्होंने तकनीक प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ पीसी चपलोत के मार्गदर्शन में विकसित की गई तकनीकों का इस्तेमाल करके खेती को मॉडर्न बनाया। इस किसान ने सिर्फ अमरूद की खेती करके करोड़पति बन दिखाया है अपनी मेहनत तो लगन के बलबूते इन्होंने कहीं अवार्ड भी हासिल किए हैं

खेती में इनोवेशन

नामीचंद ने अपने फार्म में थाईलैंड के अमरूद के साथ strawberry की खेती भी शुरू की, जिससे उन्होंने अपनी आमदनी को बढ़ाया। उन्होंने कई राज्यों में अपनी उत्पादों की सप्लाई करना शुरू किया, जिससे उनकी कमाई में वृद्धि हुई।

ऐसे मिली सफलता

नामीचंद धाकड़ का कहना है कि उनकी सफलता का राज उनके सीधे मेंटर, डॉ पीसी चपलोत, और नई तकनीक के सही इस्तेमाल में है। उन्होंने सौर ऊर्जा और हाॅज की योजनाओं का भी सही तरीके से इस्तेमाल किया।

भविष्य में एक नई किसान पीढ़ी

आजकल कई युवा भी खेती को बिजनेस के रूप में देख रहे हैं और नई तकनीकों का सही इस्तेमाल करके अच्छी कमाई कर रहे हैं। सरकार भी कृषि क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण और सहायता प्रदान कर रही है।

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