जिरेनियम फूलों की खेती से किसानों को तगड़ा मुनाफा! 20 हजार रुपये किलो बिकता है इसका तेल

जिरेनियम फूलों की खेती से किसानों को तगड़ा मुनाफा! 20 हजार रुपये किलो बिकता है इसका तेल
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कई किसानों को यह गलतफहमी रहती है कि केवल धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों से ही अच्छी कमाई हो सकती है। परंतु वे यह नहीं जानते कि सुगंधित फूल और जड़ी बूटी की खेती में भी अच्छी आय हो सकती है।

सरकार ऐसे किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी प्रदान कर रही है। यदि किसान सुगंधित फूलों की खेती करते हैं, तो वे अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। उन्हें सिर्फ इस बात का ध्यान रखना होगा कि वे उन फूलों की बेहतरीन किस्म चुनें, जिनका बाजार में अच्छा दाम मिलता है।

भारत में, सुगंधित फूलों से बने रस का उपयोग कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता है। इसका इस्तेमाल इत्र, साबुन, शैम्पू, और सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण में किया जाता है। साथ ही, आयुर्वेदिक दवाइयों के निर्माण में भी सुगंधित फूलों का उपयोग होता है।

यदि किसान भाई फूलों की खेती करना चाहते हैं, तो जीरेनियम की खेती उनके लिए एक बढ़िया विकल्प हो सकता है। क्योंकि इसका तेल मार्केट में किलोवजन में हजारों रुपये में बिकता है। इस तरह, किसान जल्दी से अच्छी कमाई कर सकते हैं जिरेनियम की खेती से।

जिरेनियम की खेती में लागत काफी कम होती है। इसे किसान कहीं भी कर सकते हैं, लेकिन बलुई दोमत मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी मानी जाती है। इसके साथ ही, मिट्टी का पीएच मान 5.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए। जिरेनियम की बुवाई से पहले, किसानों को खेत को अच्छी तरह से जोतना चाहिए। इसके साथ ही, खेती के दौरान पानी की निकासी को भी ध्यान से किया जाना चाहिए।

जिरेनियम की खेती की शुरुआत में लगभग एक लाख रुपये का खर्च आता है। हालांकि, इसके तेल की मांग बहुत ज्यादा है और मार्केट में इसका तेल 20 हजार रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। इसलिए, किसान जिरेनियम की खेती से जल्दी ही अच्छी कमाई कर सकते हैं। यहाँ यह भी खास बात है कि खेती की शुरुआत से ही पौधों से चार से पांच साल तक कमाई का सिलसिला चलता रहता है।

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