किसान आंदोलन: MSP की गारंटी की गारंटी मांग रहे है किसान, क्या ये संभव हो सकता है ? सरकार किसानों की बात क्यों नहीं मान रही ?

किसान आंदोलन: MSP की गारंटी की गारंटी मांग रहे है किसान, क्या ये संभव हो सकता है ? सरकार किसानों की बात क्यों नहीं मान रही ?
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किसान आंदोलन: MSP की गारंटी की गारंटी मांग रहे है किसान, क्या ये संभव हो सकता है ? सरकार किसानों की बात क्यों नहीं मान रही ?

Khet Khajana: New Delhi, किसान आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा है MSP की गारंटी। किसान चाहते हैं कि सरकार उनकी सभी फसलों को MSP पर खरीदने का कानून बनाए। लेकिन सरकार इस पर राजी नहीं है। सरकार का कहना है कि MSP की गारंटी देना अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महंगा पड़ेगा। इसके पीछे क्या तथ्य हैं, आइए जानते हैं।

MSP का मतलब है न्यूनतम समर्थन मूल्य। यह वह दाम है जिसे सरकार ने किसानों को उनकी फसलों के लिए देने का वादा किया है।

MSP पर फसलों की खरीद की गारंटी का मतलब है कि अगर बाजार में फसलों का दाम MSP से कम हो जाए, तो सरकार उनकी फसलों को MSP पर खरीद लेगी।

MSP पर फसलों की खरीद की गारंटी देने का फायदा यह है कि किसानों को अपनी फसलों का उचित दाम मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

MSP पर फसलों की खरीद की गारंटी देने का नुकसान यह है कि सरकार को बहुत ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। इससे सरकार का बजट बिगड़ जाएगा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश कम हो जाएगा।

MSP पर फसलों की खरीद की गारंटी देने की लागत को समझने के लिए आंकड़े देखें।

वित्त वर्ष 2020 में समस्त कृषि उपज का कुल मूल्य 40 लाख करोड़ रुपये था।

वित्त वर्ष 2020 में MSP वाली फसलों की उपज का कुल बाजार मूल्य 10 लाख करोड़ रुपये था।

वित्त वर्ष 2020 में MSP पर फसलों की कुल खरीद 2.5 लाख करोड़ रुपये थी।

यदि सरकार MSP पर फसलों की सभी खरीद की गारंटी दे, तो इसके लिए सालाना कम से कम 10 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय उठाना पड़ेगा।

सरकार ने अंतरिम बजट में बुनियादी ढांचे के लिए 11.11 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

पिछले सात वित्तीय वर्षों में बुनियादी ढांचे पर किए गए वार्षिक औसत व्यय 67 लाख करोड़ रुपये थे।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि MSP की गारंटी देना अर्थव्यवस्था के लिए बहुत भारी पड़ेगा। इससे सरकार को अन्य क्षेत्रों में निवेश करने में कठिनाई होगी। इसके अलावा, MSP की गारंटी से महंगाई भी बढ़ सकती है। यदि सरकार को अतिरिक्त व्यय को कवर करने के लिए टैक्स बढ़ाना पड़े, तो इसका असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। इसलिए, MSP की गारंटी का मुद्दा सिर्फ किसानों और सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश का है।

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