किसान मछली पालन के साथ करें बत्तख पालन, सिर्फ 1,000 रुपए के एक्स्ट्रा खर्च से कमाई होगी दोगुनी, पॉलिथीन से बने तालाबों में आसानी से करें शुरुआत

गड्ढे में पानी भरने पर शीट फिसलने से बचने के लिए बड़े पत्थरों से शीट को दबाया जाता है।

किसान मछली पालन के साथ करें बत्तख पालन, सिर्फ 1,000 रुपए के एक्स्ट्रा खर्च से कमाई होगी दोगुनी, पॉलिथीन से बने तालाबों में आसानी से करें शुरुआत
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किसान मछली पालन के साथ करें बत्तख पालन, सिर्फ 1,000 रुपए के एक्स्ट्रा खर्च से कमाई होगी दोगुनी, पॉलिथीन से बने तालाबों में आसानी से करें शुरुआत

आजकल के किसान नए और लाभकारी बिजनेस की तलाश में हैं, और इसमें एक नया मॉडल है - पॉलीथिन से बने गड्ढों में बत्तख पालन। इस मॉडल के परीक्षण ने दिखाया है कि किसान बहुत कम खर्च में बत्तख पालन कर सकते हैं और इससे बेहतर मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं।





अगर आप भी मछली पालन करते हैं तो इसके साथ-साथ आप बतक पालन भी कर सकते हैं इसके लिए आपको अधिक खर्च करने की जरूरत नहीं है बल्कि मात्र 1000 रूपये में मछली पालन के साथ इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं आईए जानते हैं कि कैसे पॉलिथीन का तालाब बनाकर बतक पालन की शुरुआत कर सकते हैं

पॉलीथिन तकनीक

पॉलीथिन तकनीक में, पशुपालकों को आयताकार 1.5-2.0 फीट गहरे गड्ढे में पाला जाता है।

गड्ढे को 5-6 फीट का बनाया जाता है और उसे पॉलिथीन शीट से ढका जाता है।

गड्ढे में पानी भरने पर शीट फिसलने से बचने के लिए बड़े पत्थरों से शीट को दबाया जाता है।

इस तकनीक में लगभग 300 लीटर पानी की आवश्यकता होती है।

बत्तख पालन के फायदे

कम लागत

पॉलीथिन से बने गड्ढों में बत्तख पालन की लागत कम होती है।

अधिक अंडे

अच्छी नस्ल की बत्तख एक साल में 300 से अधिक अंडे देती है।

सही जगह पर पालना

यह तकनीक जमीन और पानी दोनों जगहों पर सुरक्षित पालन की अनुमति देती है।

बत्तख पालन के लिए उपयुक्त बंदोबस्त

बत्तख के रहने के लिए उचित शेड की आवश्यकता है, जिसमें धूप और हवा का सही प्रवाह हो।

बत्तखों को स्वच्छ पेयजल और उचित आहार प्रदान करना चाहिए।

खर्च का अंदाजा

पॉलीथिन तकनीक को लागू करने पर लगभग 1000 रुपये का खर्च आता है, जिसमें पॉलीथिन, बत्तखों के चूजे, फीड, और अन्य खर्च शामिल हैं।


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