किसान भारी भरकम बोरी की जगह करें नैनो डीएपी और यूरिया की स्प्रे, सिर्फ आधा लीटर नैनो यूरिया 1 एकड़ के लिए काफी

एक बोतल नैनो यूरिया को 100 लीटर पानी के साथ मिलाकर स्प्रे करना होता है। इसे विशेषज्ञों की सलाह पर या फसलों की विशेषाज्ञता के आधार पर करना चाहिए।

किसान भारी भरकम बोरी की जगह करें नैनो डीएपी और यूरिया की स्प्रे, सिर्फ आधा लीटर नैनो यूरिया 1 एकड़ के लिए काफी
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किसान भारी भरकम बोरी की जगह करें नैनो डीएपी और यूरिया की स्प्रे, सिर्फ आधा लीटर नैनो यूरिया 1 एकड़ के लिए काफी

किसानों के लिए एक नई क्रांति - नैनो यूरिया और नैनो डीएपी! इन नैनो उर्वरकों का उपयोग करके किसान न केवल अपनी लागत कम कर सकता है बल्कि फसलों की पैदावार में भी वृद्धि कर सकता है। इनके उपयोग से पर्यावरण में भी कमी होगी, जिससे जल और वायु प्रदूषण का स्तर कम होगा।

नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के फायदे

मृदा स्वास्थ्य में सुधार

इन नैनो उर्वरकों से मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है, जिससे फसलों को सीधे पोषक तत्व प्रदान होता है।

प्रदूषण कमी

जल और वायु प्रदूषण में कमी होने से कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और उसकी गुणवत्ता सुधरेगी।

लागत में घटाव

इन नैनो उर्वरकों का उपयोग करने से रासायनिक उर्वरक की खपत में कमी होती है और कृषि लागत में भी घटावा होता है।

नैनो यूरिया का स्प्रे कैसे और कब करें

कैसे स्प्रे करें

नैनो यूरिया को फसलों की पत्तियों पर स्प्रे किया जाता है। विभिन्न स्प्रेयर के साथ स्प्रे करने के लिए विभिन्न प्रकार के स्प्रेयर जैसे नेपसेक स्प्रेयर, पावर स्प्रेयर आदि उपलब्ध हैं।

कब स्प्रे करें

एक बोतल नैनो यूरिया को 100 लीटर पानी के साथ मिलाकर स्प्रे करना होता है। इसे विशेषज्ञों की सलाह पर या फसलों की विशेषाज्ञता के आधार पर करना चाहिए।

नैनो डीएपी का स्प्रे कैसे और कब?

बीज शोधन में

बीजों को शोधन के लिए नैनो डीएपी का उपयोग पहले किया जा सकता है।

फसलों में स्प्रे करना

फसलों में नैनो डीएपी को आधा लीटर पानी के साथ मिलाकर स्प्रे किया जा सकता है।

नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की कीमत

नैनो उर्वरक 500मिली बोतल की कीमत

नैनो यूरिया 225 रुपए

नैनो डीएपी 600 रुपए

इन नैनो उर्वरकों की कीमत दानेदार उर्वरकों के मुकाबले कम होने के कारण, किसानों को बड़ा लाभ हो सकता है। इनका सही तरीके से इस्तेमाल करने से किसान अपनी फसलों की पैदावार में वृद्धि कर सकता है और उपयोग की जाने वाली स्वदेशी तकनीक से भी जुड़ा हो सकता है।

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