पशुओं ने दूध देना कम कर दिया है या चारा खाने में हो रही है दिक्कत, तो इस दवाई से करें समाधान, सिर्फ 15 मिनट में होगा असर, बचेंगे हजारों रुपए

जब पशु इसे चाटेगा, तो उसकी जीभ साफ हो जाएगी और वह बिल्कुल ठीक होकर चारा चरने लगेगा।

पशुओं ने दूध देना कम कर दिया है या चारा खाने में हो रही है दिक्कत, तो इस दवाई से करें समाधान, सिर्फ 15 मिनट में होगा असर, बचेंगे हजारों रुपए
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पशुओं ने दूध देना कम कर दिया है या चारा खाने में हो रही है दिक्कत, तो इस दवाई से करें समाधान, सिर्फ 15 मिनट में होगा असर, बचेंगे हजारों रुपए

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन एक मुख्य आजीविका है, लेकिन पशुओं की बीमारियों से निपटना एक बड़ी चुनौती है। अक्सर होता है कि पशु अपनी जीभ से चारा नहीं चबा पा रहे हैं, जिससे पशुपालकों को हजारों रुपए के खर्च का सामना करना पड़ता है। या पशुओं ने दूध देना कम कर दिया है तो इस समस्या का समाधान करने के लिए एक विशेष प्रकार की पत्थर नुमा दवा तैयार की गई है, जिसे पशु अपनी जीभ से चबाते ही 15 मिनट के अंदर ही चारा चरने लगते हैं।

उत्पाद का विशेषता





यह दवा सेंधा नमक से बनती है और पशुओं के भूख के इलाज के लिए अत्यंत प्रभावी है। इसमें विशेष प्रकार के सेंधा नमक और केमिकल दवाइयां होती हैं, जो पशुओं को आपके विशेषाज्ञता क्षेत्र में तत्पर बनाती हैं। इस दवा का सीधा परिणाम है कि पशुओं की बीमारियां 15 से 30 मिनटों में ही ठीक हो जाती हैं, जो पशुपालकों को स्वस्थ बनाता है।

उपयोग का तरीका

इस दवा का उपयोग करना बहुत आसान है। पशुपालकों को इसे पशुओं की जीभ पर लगाने के लिए दिया जाता है। जब पशु इसे चाटेगा, तो उसकी जीभ साफ हो जाएगी और वह बिल्कुल ठीक होकर चारा चरने लगेगा। इस तरीके से, पशुपालक अपने पशुओं को घर पर ही सहायक दवा दे सकते हैं और अच्छे स्वास्थ्य की देखभाल कर सकते हैं, जिससे उन्हें प्राइवेट डॉक्टरों के खर्च से बचाव हो सकता है। इस दवा से नहीं सिर्फ पशुपालकों को खर्च कम करने में मदद मिलती है, बल्कि यह एक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से पशुओं को स्वस्थ रखने में भी मदद करती है।

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