जंगली सूअर या नीलगाय कर रहे हैं फसल बर्बाद, तो बिना ₹1 खर्च किए इस चमत्कारी गोल का करें छिड़काव, जानवर पौधे खाना तो दूर, सूघेगे तक नहीं

विशेष कर आलू के साथ-साथ सब्जियां और अन्य फलों की खेती, कई बार यह आवारा पशु पालतू पशुओं के लिए बोये गए हरे चारे पर भी धावा बोल देते हैं

जंगली सूअर या नीलगाय कर रहे हैं फसल बर्बाद, तो बिना ₹1 खर्च किए इस चमत्कारी गोल का करें छिड़काव, जानवर पौधे खाना तो दूर, सूघेगे तक नहीं
X

जंगली सूअर या नीलगाय कर रहे हैं फसल बर्बाद, तो बिना ₹1 खर्च किए इस चमत्कारी गोल का करें छिड़काव, जानवर पौधे खाना तो दूर, सूघेगे तक नहीं

खेती करना आसान नहीं होता, और जंगली जानवरों के हमले से फसलों को नुकसान होता है। विशेष कर आलू के साथ-साथ सब्जियां और अन्य फलों की खेती, कई बार यह आवारा पशु पालतू पशुओं के लिए बोये गए हरे चारे पर भी धावा बोल देते हैं जिससे किसानों को काफी नुकसान होता है लेकिन इस समस्या का एक मुफ्त और प्रभावी समाधान है।

रामबाण उपाय, नीम और गोबर का घोल

आपको सिर्फ तीन चीजों की आवश्यकता है - नीम के पत्ते, पानी, और गाय का गोबर। इन्हें मिलाकर हम एक चमत्कारी घोल तैयार कर सकते हैं।

घोल तैयारी

नीम के पत्ते: एक किलो नीम के पत्तों को पीस लें।

पानी मिलाएं: इसमें लगभग 20 लीटर पानी मिलाएं और इसे 10 घंटे के लिए छोड़ दें।

इसका इस्तेमाल

इस घोल को फसलों पर छिड़कें, और जंगली जानवरों को भगा दें। इसमें नीम की कड़वाहट और गोबर की गंध के कारण जानवर फसलों से दूर रहेंगे।

फायदे

मुफ्त और प्रभावी

इस तकनीक को लागू करने के लिए किसानों को कोई भी खर्च नहीं करना पड़ेगा।

सुरक्षित फसलें

यह तकनीक फसलों को जंगली जानवरों के हमलों से बचाने में सहायक हो सकती है।

संपर्क सूचना

इस तकनीक का सही तरीके से अनुप्रयोग के लिए स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें।

इस रामबाण उपाय से जंगली जानवरों को दूर करके, किसान अपनी मेहनत का सही मूल्य पा सकता है और फसलों को सुरक्षित रख सकता है। इसे आजमाएं और खेतों को बचाये

Tags:
Next Story
Share it