अगर आपने गेहूं की पुरानी किस्म बोई है तो यह 2 रोग लगने की संभावना अधिक है, गेंहू को बचाने के लिए करें यह समाधान

अगर आपने गेहूं की पुरानी किस्म बोई है तो यह 2 रोग लगने की संभावना अधिक है, गेंहू को बचाने के लिए करें यह समाधान
X

अगर आपने गेहूं की पुरानी किस्म बोई है तो यह 2 रोग लगने की संभावना अधिक है, गेंहू को बचाने के लिए करें यह समाधान

20 दिसम्बर 2023, भोपाल: गेहूं की पुरानी किस्मों को बोने जाने पर, खेती में आने वाली दो खतरनाक रोगों - भूरा (पत्ती) और काला (तना) रोली के खिलाफ सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है। इन बीमारियों के समाधान के लिए उपयुक्त उपायों को जानने के लिए आगे पढ़ें।

रोगों का नियंत्रण और समाधान

बुआई से पहले बीजों का सावधानी से चयन:

बुआई के लिए सही बीजों का चयन करें, जिनमें रोगों के प्रति सहारा हो।

स्थानीय बाजार या किसानों की सलाह लेकर सुरक्षित और सुजावपूर्ण बीजों का चयन करें।

प्रकोप होने पर ठीक करें:

फसल में भूरा या काला रोली का प्रकोप होने पर, 0.1 प्रतिशत प्रोपिकोनेजोल (टिल्ट) या टेबुकोनेजोल 250 ईसी का छिड़काव करें।

Bold Web Series: आश्रम को पछाड़ने या गई जबरदस्त वेब स्टोरी “हेलो मिनी MX Player की नई वेब सीरीज, देखने के बाद आपका भी पानी निकल जाएगा

अनावृत कंड्वा का संज्ञान रखें:

अनावृत कंड्वा से ग्रस्त बाली को तुरंत पौलीथीन से ढककर खेत से बाहर ले जाएं और सुरक्षित जलाएं।

गहरे गढ़े में गाढ़ देने के लिए उपरोक्त कवकनाशकों का इस्तेमाल करें।

बुआई के बाद का ध्यान:

फसल के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए बुआई के बाद भी नियमित रूप से पौधरोपण करें।

समय समय पर खेतों की निगरानी करें और किसानों को तत्परता से सूचित करें ताकि वे अगर कोई संकेत महसूस करें, तो त्वरित उपाय कर सकें।

गेहूं की पुरानी किस्मों के खेती में भूरा और काला रोली जैसे रोगों के संभावित प्रकोप से बचने के लिए, सही बीजों का चयन, नियमित पौधरोपण, और तत्परता से रोगों का संज्ञान रखना महत्वपूर्ण है। यदि रोगों का प्रकोप होता है, तो उपयुक्त कवकनाशकों का प्रयोग करना और समय पर कड़ी मेहनत करना आवश्यक है ताकि किसान अच्छी खासी पैदावार हासिल कर सकें।

फिल्मी स्टाइल में दुल्हन को वरमाला पहना रहा था दूल्हा, तभी दूल्हे से हो गई यह बड़ी मिसटेक, वीडियो देख लोग बोले ‘क्या दूल्हा बनेगा रे तू’ – देखें और हंसें”

Tags:
Next Story
Share it