किसानो की करी-कराई मेहनत कहीं मिट्टी में ना मिल जाए? बढ़ते पाले से किसानों में बैठा डर, सरसों में चेंपा किट, तो चने में लट पड़ने की संभावना

फसल में फूल आकर झड़ना शुरू हो गया है और फली आने लगी है, तापक्रम के बदलने से कीट और मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है।

किसानो की करी-कराई मेहनत कहीं मिट्टी में ना मिल जाए? बढ़ते पाले से किसानों में बैठा डर, सरसों में चेंपा किट, तो चने में लट पड़ने की संभावना
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किसानो की करी-कराई मेहनत कहीं मिट्टी में ना मिल जाए? बढ़ते पाले से किसानों में बैठा डर, सरसों में चेंपा किट, तो चने में लट पड़ने की संभावना

सरसों और चने की बुवाई के बाद अब मौसम लगातार बदल रहा है बढ़ते पाले के साथ-साथ किसानों को चिंता सता रही है कि सरसों की फसल कहीं अधिक सर्दी से खराब ना हो जाए, इस समय, अकबरपुर के किसानों को सरसों की लहलहाती फसल के साथ मौसम संबंधी जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव और छितराए बादलों के कारण चेपा कीटों का प्रकोप होने की संभावना बढ़ा रही है।

किसानों की चिंता

किसानों के अनुसार, रबी की फसलों में तापमान के बदलावों का गहरा असर पड़ता है। तेज सर्दी और ओस गिरने से नहीं, बल्कि बादलों के छाए रहने से सरसों में चेपा और चने में लट लगने की संभावना बढ़ जाती है। तापक्रम की उतार-चढ़ाव में किसानों को फसल में कीट और मच्छरों के प्रकोप का खतरा है।

प्राथमिक उपाय

जो किसान ने अगेती सरसों की फसल की बुआई की है, उन्हें पानी भी दिया गया है। हालांकि फसल में फूल आकर झड़ना शुरू हो गया है और फली आने लगी है, तापक्रम के बदलने से कीट और मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है। किसानों ने तापमान के बदलने के मामले में सतर्क रहने के साथ ही पानी समय पर देने का प्रयास कर रहे हैं।

कृषि अधिकारियों का सुझाव

कृषि पर्यवेक्षक अर्चना बुनकर के अनुसार, इस समय सरसों की फसल फूल की अवस्था में है, जिसमें कीटों का प्रकोप होने की संभावना अधिक है। इसके लिए किसानों को क्यूना फोस आदि दवा का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है। दवा के रूप में 0.2 तन डामिथाइल सल्फोक्साइड या 0.1 तन तनु गंडक का छिड़ाव करने का सुझाव दिया जा रहा है। या शाम के समय फसल में हल्के फव्वारे से सिंचाई करने का भी सुझाव है।


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