सरसों की MSP हुई जारी, समर्थन मूल्य पर खरीदी का हुआ ऐलान, अब इस भाव में खरीदी जाएगी किसान की सरसों

सरसों की MSP हुई जारी, समर्थन मूल्य पर खरीदी का हुआ ऐलान, अब इस भाव में खरीदी जाएगी किसान की सरसों
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सरसों की MSP हुई जारी, समर्थन मूल्य पर खरीदी का हुआ ऐलान, अब इस भाव में खरीदी जाएगी किसान की सरसों

खेत खजाना : सरसों भारत की सबसे महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है, जिसका उत्पादन और उपभोग देश के अलग-अलग हिस्सों में होता है। सरसों का तेल खाने के साथ-साथ औषधीय, आयुर्वेदिक और कृषि के क्षेत्र में भी इस्तेमाल किया जाता है। सरसों की फसल को बेहतर दाम दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने हर साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया है, जिससे किसानों को उनकी लागत से अधिक मुनाफा मिल सके।

सरसों का समर्थन मूल्य 2024-25 में कितना है?

केंद्र सरकार ने रबी फसली वर्ष 2024-25 के लिए सरसों का समर्थन मूल्य 5650 रुपये प्रति क्विंटल रखा है, जो पिछले साल के मुकाबले 200 रुपये ज्यादा है। इससे किसानों को उनकी लागत का 100% से ज्यादा लाभ मिलेगा। सरकार ने यह फैसला किसानों के हित में और उनकी आय बढ़ाने के लिए किया है।

सरसों की खरीद की व्यवस्था कैसे होगी?

सरकार ने सरसों की खरीद की व्यवस्था के लिए राज्य सरकारों, नाबार्ड और अन्य संगठनों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। सरसों की खरीद देश की 114 अनाज मंडियों में होगी, जहां किसानों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से खरीद की तारीख और समय की सूचना दी जाएगी। किसानों को अपनी फसल का नमूना लेकर मंडी में जाना होगा, जहां उनकी फसल का गुणवत्ता मूल्यांकन किया जाएगा। फसल की खरीद के बाद, किसानों को उनके बैंक खाते में ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा।

सरसों की फसल के लिए कुछ टिप्स

सरसों की फसल को अच्छी उपज दिलाने के लिए, किसानों को उचित बीज, उर्वरक, सिंचाई, रोग-कीट नियंत्रण और कटाई का ध्यान रखना चाहिए।

सरसों की फसल को अक्टूबर के पहले सप्ताह में बोना चाहिए, जिससे फसल को ठंड का लाभ मिल सके।

सरसों की फसल को 25-30 सेंटीमीटर की लंबाई और 15-20 सेंटीमीटर की चौड़ाई में लाइन में बोना चाहिए, जिससे फसल को उचित रोशनी, हवा और पोषण मिल सके।

सरसों की फसल को बोने के 30 दिन बाद और फिर फूलने के समय उर्वरक देना चाहिए, जिससे फसल का विकास और उत्पादन बढ़ सके।

सरसों की फसल को समय-समय पर सिंचाई करना चाहिए, जिससे फसल को जल की कमी न हो। सरसों की फसल को बोने के बाद, फूलने के समय और फसल के पकने के 15 दिन पहले सिंचाई करनी चाहिए।

सरसों की फसल को रोग-कीट से बचाने के लिए, किसानों को फसल की नियमित जांच करनी चाहिए, और जरूरत पड़ने पर उपयुक्त कीटनाशक या रोगनाशक का इस्तेमाल करना चाहिए।

सरसों की फसल को तब काटना चाहिए, जब फसल के 80-90% फूल सूख जाएं, और फसल का रंग पीला हो जाए

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