Pandharpuri Buffalo: आज ही घर ले आए इस नस्ल की भैंस!रोजना देगी 15 लीटर दूध, जानिए पूरी जानकारी

Pandharpuri Buffalo: आज ही घर ले आए इस नस्ल की भैंस!रोजना देगी 15 लीटर दूध, जानिए पूरी जानकारी
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Pandharpuri Buffalo: भारत में, गायों के साथ ही भैंसों का भी पालन किया जाता है। भैंस के दूध में अधिक मात्रा में फैट होती है, जिसके कारण इसकी बाजार में अधिक मांग रहती है। इसके अलावा, डेयरी उत्पादों में भी भैंस के दूध का बड़ा उपयोग होता है। अधिक मुनाफे के कारण कई डेयरी उत्पादक और किसान भैंसों का पालन करते हैं।

अगर आप भी अपने ताले में एक भैंस लाने का सोच रहे हैं, तो इस खबर को जरूर पढ़ें। भैंस की कई प्रजातियाँ होती हैं, लेकिन इस खबर में हम आपको उस नस्ल के बारे में बताएँगे जो आपको बेहतर मुनाफा दे सकती है। यह भैंस अपनी दुग्ध उत्पादन क्षमता के लिए प्रसिद्ध है, जो अन्य भैंसों से अधिक दूध देती है। हम बात कर रहे हैं पंडरपुरी नस्ल की भैंसों की।

रोजाना 15 लीटर दूध देने की क्षमता

पंडरपुरी भैंस की उत्पत्ति महाराष्ट्र के पंडरपुरी क्षेत्र से हुई है। माना जाता है कि इस भैंस का नाम पंडरपुर गांव से प्राप्त हुआ है, जो महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में स्थित है। इसे पंधारी, महाराष्ट्र भैंस, या धारवाड़ी के नाम से भी जाना जाता है। यहां-तक कि ये भैंस देश के कई हिस्सों में भी देखी जाती है, लेकिन महाराष्ट्र में इसका पालन सबसे अधिक होता है।

इस नस्ल को उसकी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध होने के साथ-साथ यह भी जाना जाता है कि इस भैंस का दूध देने की क्षमता काफी अधिक होती है। पंडरपुरी भैंस रोजाना 15 लीटर तक दूध दे सकती है। अगर आप भी इस भैंस के पालन को व्यवसायिक उद्देश्यों के लिए ध्यान में लेना चाहते हैं, तो पहले इसकी पहचान, मूल्य, और विशेषताओं को समझें।

पंढरपुरी भैंस की पहचान और विशेषताएं

पंढरपुरी भैंल के सींग किसी तलवार की तरह दिखते हैं. इनकी लंबाई 45 से 50 सेंटीमीटर तक होती है. सींग सिर से ऊपर की ओर आते हुए अंदर की तरफ मुड़ जाते हैं.

इस भैंस का वजन करीब 450 से 470 किलो के बीच होता है.

पंढरपुरी भैंस हल्के काले रंग या भूरे रंग की होती है. कई पंढरपुरी भैंस में सफेद धब्बे भी देखने को मिल जाते हैं.

इनके बाल चमकदार और मध्यम साइज के होते हैं.

इस भैंस का सिर लंबा और पतला होता है. जबकि नाक की हड्डी थोड़ी बड़ी होती है.

पंढरपुरी भैंस शरीर ‌से कठोर और मजबूत होती है.

पंढरपुरी भैंस की प्रतिदिन दूध देने की क्षमता औसतन 6 से 7 लीटर होती है. सही रखरखाव मिलने पर ये प्रतिदिन 15 लीटर तक भी दूध देने की क्षमता रखती है.

प्रतियोगिताओं में भी पंढरपुरी भैंस का बोलबाला

महाराष्ट्र में पंडरपुरी भैंस का पालन सिर्फ दूध के लिए ही नहीं किया जाता। यहां कई किसान इन्हें ऐसे भी पालते हैं जहां ये चरबी, रेसिंग, और बुल फाइटिंग जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए इस्तेमाल होती हैं। इनकी शांत स्वभाव और आसान पालने की क्षमता के कारण, किसान इन्हें बड़ी सांख्यिकी में पालते हैं।

खासतौर पर वे क्षेत्रों में पाले जाते हैं जहां गन्ना, ज्वार, और धान उपलब्ध होते हैं। इससे ये भैंसों के मुख्य आहार के रूप में काम आते हैं। इनकी मूल्य की बात करें तो, एक पंडरपुरी भैंस की कीमत 50 हजार से 2 लाख रुपये के बीच होती है, जो क्षेत्र और दूध देने की क्षमता पर निर्भर करती है।

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