Rose Farming: किसान भाई ध्यान दे! डच गुलाब की खेती से हो सकते है मालामाल, जानिए कैसे?

Rose Farming: किसान भाई ध्यान दे! डच गुलाब की खेती से हो सकते है मालामाल, जानिए कैसे?
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गुलाब की फार्मिंग तो देशभर में होती है, लेकिन महाराष्ट्र के पुणे जिले में किसानों ने उगाए गए डच गुलाब की विशेषता को लेकर बहुत बातें हैं। इस गुलाब के रस को कहा जाता है कि यह गन्ने से भी ज्यादा मीठा होता है। इसी कारण डच गुलाब की मांग मार्केट में बढ़ गई है। आम गुलाब की तुलना में, डच गुलाब का रेट भी अधिक होता है। इस खेती से पुणे जिले में कई किसानों की किस्मत बदल गई है, और इसका सबसे अधिक उपयोग शादी समारोहों में मंडप और घर सजाने में किया जाता है।

पुणे के मावल क्षेत्र में, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कई किसानों ने पारंपरिक फसलों को छोड़कर अब डच गुलाब की खेती शुरू की है। इन किसानों द्वारा उगाए गए डच गुलाब की सप्लाई अब नीदरलैंड, जापान और ऑस्ट्रेलिया में हो रही है। इससे किसानों को बड़ी मात्रा में मुनाफा हो रहा है।

खास बात यह है कि किसान मुकुंद ठाकर ने डच गुलाब की खेती करने के लिए एक उत्पादक संघ बनाया है, जिसमें 17 किसान शामिल हैं। ये किसान 55 एकड़ जमीन पर डच गुलाब की खेती कर रहे हैं। संघ एक दिन में 2 लाख गुलाब का उत्पादन कर रहा है, जिसे बेचकर वह महीने में 40 लाख रुपये तक की कमाई कर रहा है।

रिटेल मार्केट में 12 लाख गुलाब की सप्लाई की थी

मुकुंद ठाकर बताते हैं कि वैलेंटाइन डे पर डच गुलाब की मांग बहुत बढ़ जाती है। इस अवसर पर प्रतिदिन 3 लाख से 4 लाख गुलाब तैयार किए जाते हैं। इस साल वैलेंटाइन डे के दौरान, संघ ने रिटेल मार्केट में 12 लाख गुलाब आपूर्ति की, जबकि 8 लाख गुलाब विदेशों में निर्यात किया गया था।

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के तहत 50% सब्सिडी मिलती है

मुकुंद ठाकर ने बताया कि 2007 में उन्होंने पहली बार डच गुलाब की खेती शुरू की थी। यह कार्य पुणे के येवले गांव में 10 गुंठे की जमीन पर पॉलीहाउस बनाकर किया गया था। इससे गुलाब की अच्छी पैदावार हुई। इसके बाद, उन्होंने संघ बनाया और इसके क्षेत्र को बढ़ावा दिया।

कृषि अधिकारी दत्तात्रेय पडवल के अनुसार, पवन फूल उत्पादक संघ अच्छे काम कर रहा है और किसानों को गुलाब की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने बताया कि पॉली हाउस बनाने के लिए प्रति एकड़ में 70 लाख रुपये खर्च होते हैं। इस पर, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के तहत 50% सब्सिडी भी प्राप्त होती है।

पॉलीहाउस में आर्द्रता 65-75% होनी चाहए

खास बात यह है कि डच गुलाब की खेती केवल पॉलीहाउस में ही की जाती है. पालीहाउस के उंदर 32-35 डिग्री सेल्सियस तापमान होना चाहिए. साथ आर्द्रता 65-75% होनी चाहए. इससे डच गुलाब की पैदावार अच्छी होती है. जबकि सर्दी के मौसम में फसल की कटाई करना अच्छा होता है.

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