Subsidy: बिहार के किसानों की हुई मौज! अब सरकार दे रही है इस चीज की खेती पर बंपर सब्सिडी

Subsidy: बिहार के किसानों की हुई मौज! अब सरकार दे रही है इस चीज की खेती पर बंपर सब्सिडी
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बिहार में, किसान अक्सर पारंपरिक खेती के साथ ही बगवानी फसलों की भी खेती करते हैं। इससे उन्हें अच्छी मुनाफा होता है। सरकार भी बगवानी के क्षेत्र में किसानों को सब्सिडी प्रदान करती है। यहां पर राष्ट्रीय बागवानी मिशन और मुख्यमंत्री बागवानी मिशन योजना के तहत फलदार पौधों की खेती को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है ताकि इसमें और भी बढ़ोतरी हो सके।

नीतीश कुमार की सरकार का उद्देश्य है कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में खेती का मौका मिले। उनका विचार है कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी फसलों की खेती से किसानों को अधिक लाभ मिलेगा।

इस दिशा में, कृषि विभाग राज्य में बागवानी के क्षेत्र में विस्तार कर रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन और मुख्यमंत्री बागवानी मिशन योजना के तहत आम, कटहल, जामुन, आंवला, लीची, अमरूद और केले की खेती करने वाले किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी देने की योजना बनाई है।

आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जून है

आम, कटहल, जामुन, आंवला, लीची, अमरूद और केले की खेती करने वाले किसान सब्सिडी का लाभ पाने के इच्छुक हैं, तो hoti agriculture.bihar. gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना की अंतिम तिथि 30 जून है। ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर भी है। इस योजना के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए किसान अपने प्रखंड उद्यान पदाधिकारी या जिले के सहायक निदेशक उद्यान से संपर्क कर सकते हैं।

13 लाख टन केले का प्रोडक्शन होता है

बता दें कि बिहार में बागवानी फसलों की खेती धीरे- धीरे रफ्तार पकड़ रही है. पूरे देश में सबसे अधिक शाही लीची की खेती बिहार में ही होती है. इसी तरह पूरे विश्व में सबसे अधिक मखाने का प्रोडक्शन बिहार में ही होता है. जबकि, आम के उत्पादन के मामले में बिहार देश में चौथा सबसे बड़ा राज्य बनकर उभरा है. इसी तरह सबसे अधिक भिंडी की पैदावार भी बिहार में ही होती है. केले की खेती में भी बिहार पीछे नहीं है. यहां पर 32 हजार हेक्टेयर में किसान केले की खेती करते हैं, जिससे 13 लाख टन केले का प्रोडक्शन होता है.

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