इन फूलों की खेती पर सरकार दे रही है 70 प्रतिशत तक सब्सिडी, फटाफट ऐसे उठाए लाभ

इन फूलों की खेती पर सरकार दे रही है 70 प्रतिशत तक सब्सिडी, फटाफट ऐसे उठाए लाभ
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फूलों की खेती नकदी फसल के रूप में किया जाता है। यह खेती किसानों को कम समय में अच्छी उपजाऊ फसल देती है, जिससे उन्हें अधिक लाभ होता है। बिहार सरकार ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत गेंदा और ग्लेडियोलस की खेती के लिए किसानों को तकरीबन 70 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करने की घोषणा की है। वर्तमान में बिहार में 500 हेक्टेयर में गेंदा फूल की खेती हो रही है, लेकिन सरकार ने अब एक और नए फूल की खेती को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है।

बिहार सरकार ने प्रदेश के 13 जिलों में 70 हेक्टेयर के लिए ग्लेडियोलस की खेती की योजना बनाई है। सरकार इन दोनों फसलों के लिए किसानों को 70 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान करेगी। यदि किसान इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो उन्हें इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

इतना मिलेगा अनुदान

बिहार सरकार ने गेंदा और ग्लेडियोलस फूलों की खेती के लिए अलग-अलग अनुदान निर्धारित किया है। पिछले वर्ष, प्रदेश में लगभग 300 हेक्टेयर में गेंदा की खेती हुई थी। लेकिन हाल ही में, बिहार में इसे 500 हेक्टेयर तक बढ़ाने का प्लान बनाया गया है। राज्य सरकार ने इसके लिए प्रति हेक्टेयर लागत 40 रुपये तय की है और किसानों को 70 प्रतिशत अनुदान देगी, जो कुल 28 हजार रुपये होगा। दूसरी ओर, ग्लेडियोलस की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर लागत एक लाख सात रुपये है, जिस पर राज्य सरकार 75 हजार का अनुदान किसानों को प्रदान करेगी।

लाखों में होगी कमाई

किसान इन फूलों की खेती से प्रति एकड़ लाखों की कमाई कर सकते हैं। ये पौधे 60-70 दिनों में पूरी तरह तैयार हो जाते हैं। इनकी प्रति हेक्टेयर पैदावार 20 से 25 टन तक होती है, जिससे किसानों को 2 से 3 लाख रुपये का मुनाफा होता है। अगर इसकी उत्पादनता समय त्योहारी सीजन में होती है, तो यह कमाई 4-5 लाख तक पहुंच जाती है। ग्लेडियोलस की खेती में प्रति हेक्टेयर लगभग ढाई लाख तक की कमाई हो सकती है। बिहार के पटना जिले में इन फूलों की खेती सबसे अधिक की जाती है, और पटना में इसकी खेती का आंकड़ा लगभग 70 हेक्टेयर है।

अगर किसान इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो उनको इसकी अधिकारिक वेब साईट horticulture.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को पूरा करना होगा.

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