चमत्कारिक तालाब से सोने जैसी खेती का करिश्मा, किसान शेखर ने 10 एकड़ जमीन पर जैविक खेती कर अपनी कमाई को किया दोगुना, बोते हैं हाई क्वालिटी की फसल

तालाब के पानी में गोबर और गोमूत्र से मिश्रित स्लरी से बनने वाली खाद के कारण उनकी फसल में बड़ा वृद्धि हुआ है।

चमत्कारिक तालाब से सोने जैसी खेती का करिश्मा, किसान शेखर ने 10 एकड़ जमीन पर जैविक खेती कर अपनी कमाई को किया दोगुना, बोते हैं हाई क्वालिटी की फसल
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चमत्कारिक तालाब से सोने जैसी खेती का करिश्मा, किसान शेखर ने 10 एकड़ जमीन पर जैविक खेती कर अपनी कमाई को किया दोगुना,बोते हैं हाई क्वालिटी की फसल

रायबरेली, भारत में किसानों को रासायनिक खेती करने के लिए मजबूर करने वाले समय की मांग और बढ़ती जनसंख्या के पेट को भरने के लिए सरकारी दबाव के बावजूद, शेखर त्रिपाठी ने प्राकृतिक खेती में अपने चमत्कारिक मॉडल से सोने जैसी भूमि अच्छी में हाई क्वालिटी की फसल प्राप्त की है।

शेखर त्रिपाठी का गौ आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल

शेखर त्रिपाठी ने 10 एकड़ के फॉर्म में गौ आधारित प्राकृतिक खेती का मॉडल बनाया है।





उन्होंने चमत्कारिक तालाब बनाकर गाय के गोबर और गोमूत्र से बना यूनिक खाद का उपयोग किया है।

चमत्कारी तालाब से सोने जैसी फसल

तालाब के पानी में गोबर और गोमूत्र से मिश्रित स्लरी से बनने वाली खाद के कारण उनकी फसल में बड़ा वृद्धि हुआ है।

सिंचाई के पानी से न केवल उत्पादन बढ़ा, बल्कि मिट्टी में कार्बनिक तत्व भी बढ़ा है।

सिंचाई के लिए बारिश के पानी का संरक्षण

शेखर त्रिपाठी ने तालाब के जरिए बारिश के पानी का संचय करके सिंचाई के लिए उपयोग किया है।

उनका इनोवेटिव मॉडल न केवल उत्पादन में वृद्धि कर रहा है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी कर रहा है।

सपना था आईएएस बनने का, बन गए किसान

शेखर त्रिपाठी की उम्र 47 साल है, लेकिन उन्होंने आईएएस बनने की जगह किसान बनने का निर्णय लिया।

उन्होंने बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया और अब वह प्राकृतिक अनाज उगा रहे हैं, जिसे बाजार में बेचकर उन्होंने सफलता प्राप्त की है।


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